यूपी सरकार शुरू करने जा रही नया अभियान, अब DM रोज करेंगे समीक्षा, जानिए क्या है वजह

UP News in Hindi: यूपी सरकार किसान रजिस्ट्री को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर 16 सितंबर से पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
यूपी सरकार शुरू करने जा रही नया अभियान, अब DM रोज करेंगे समीक्षा, जानिए क्या है वजह
योगी आदित्यनाथ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Farmer Registry Special Campaign: उत्तर प्रदेश सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के अनुसार, यह विशेष अभियान 16 सितंबर, 2025 से पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। अभियान के दौरान जिलाधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करनी होगी। इसके साथ ही राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे राजस्व अधिकारियों को मानक कार्यप्रणाली (SOP) उपलब्ध कराएं, ताकि अधिकार अभिलेख में “मालिकों के नाम” को आधार कार्ड के अनुसार सही ढंग से दर्ज किया जा सके।

प्रदेश में कुल 2.88 करोड़ से अधिक किसानों को फार्मर रजिस्ट्री में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य की तुलना में अब तक लगभग 1.45 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, यानी 50% से अधिक किसान रजिस्टर्ड हो चुके हैं।

ये जिले सबसे आगे

जिलों की बात करें तो बिजनौर सबसे आगे है, जहां 58% से अधिक रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। इसके बाद हरदोई (57.84%), श्रावस्ती (57.47%), पीलीभीत (56.89%) और रामपुर (56.72%) टॉप-5 में शामिल हैं। जिन किसानों की रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है, उनके डाटा का फील्ड ऑफिसर्स द्वारा सत्यापन किया जा रहा है। आजमगढ़, बलरामपुर, अमरोहा, एटा और जौनपुर जैसे जिलों में यह सत्यापन 100% पूरा हो चुका है।

जिलाधिकारियों को दिए गए निर्देश

योगी सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों का पंजीकरण अगली किस्त से पहले पूरा हो। इसके अलावा, उन्होंने सभी जिलों में व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियां चलाने का भी आदेश दिया है। अधिकारियों को विशेष रूप से चेताया गया है कि जिन जिले पीछे चल रहे हैं, उन पर अतिरिक्त ध्यान दें और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए और प्रयास करें।

जानें क्यों है जरूरी ?

किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री बहुत अहम है। इसे एक तरह का किसान पासपोर्ट माना जा सकता है। इसके जरिए सरकार यह पहचान सकती है कि कौन किसान किस योजना का हकदार है। चाहे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, या अन्य सब्सिडी की बात हो, रजिस्ट्री के बिना ये लाभ सीधे किसानों तक नहीं पहुंच पाते। इस पहल से न केवल सरकारी योजनाओं का असर बढ़ेगा, बल्कि डेटा की पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि उद्देश्य है हर किसान को उसका सही हक दिलाना। रजिस्ट्री के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी योग्य किसान लाभ से वंचित न रहे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com