Jagannath Rath Yatra Controversy: जगन्नाथ पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव द्वारा प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जिसमें उन्होंने इस्कॉन द्वारा अलग तिथियों पर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा और स्नान यात्रा निकालने पर कड़ी आपत्ति जताई है। आपको बता दें कि इस चर्चा में इस बात पर जोर देकर कही गई है कि धार्मिक यात्राएं शास्त्रों में निर्धारित तिथि और मुहूर्त के अनुसार ही होनी चाहिए।
यहां तक की इस्कॉन पर यह आरोप है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार तिथियां तय कर रहे हैं, जो सदियों पुरानी सनातन परंपराओं को विखंडित कर रहा है। इसके अलावा कुछ वक्ताओं का तो यह भी मानना है कि जगन्नाथ मंदिर के प्राचीन नियमों और सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
इस चर्चा के अंतिम हिस्से में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विदेशों में अलग-अलग भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों के कारण, और हिंदू समुदाय की कम संख्या होने के चलते, वहां उसी तिथि पर यात्रा का आयोजन करना संभव नहीं होता, जिसके कारण वे समय में बदलाव करते हैं। संक्षेप में, यह सनातन परंपराओं की शुद्धता बनाए रखने और धार्मिक आयोजनों में शास्त्रीय पद्धति के पालन के महत्व पर आधारित है। खबर को अच्छे से समझने के लिए इस वीडियो को पूरा देखे...