

Pune Hooch Tragedy: पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत का मामला शुक्रवार को विधानमंडल के मानसून सत्र में जोर-शोर से गूंजा। दापोडी के फुगेवाड़ी और हडपसर के पांढरे मला इलाके में मई महीने में मिथेनॉल मिश्रित जहरीली शराब के सेवन से यह दर्दनाक हादसा हुआ था। इस घटना के बाद पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस बल के अधिकारियों समेत आठ लोगों को और राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के छह अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया था।
फिलहाल इस मामले की जांच राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) कर रही है और अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। सदन में पूछे गए ध्यानाकर्षण प्रश्न का उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री और जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा पवार ने बताया कि इस मामले की गहन जांच जारी है।
उन्होंने आंकड़ों के जरिए स्पष्ट किया कि पिछले तीन वर्षों (2023-24 से 30 जून 2026 तक) में पुणे जिले में अवैध शराब के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। इस अवधि में जिले में 10 हजार 370 मामले दर्ज किए गए। 8 हजार 570 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 47 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया।
वहीं, पूरे महाराष्ट्र की बात करें तो उत्पाद शुल्क विभाग ने इसी समयावधि में राज्यभर में कुल 1 लाख 848 आपराधिक मामले दर्ज कर 77 हजार 620 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है, जबकि 269 करोड़ रुपये की अवैध शराब और सामग्री जब्त की गई है। सुनेत्रा पवार ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के 164 क्षेत्रीय कार्यालय और 57 उड़न दस्ते अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री को रोकने के लिए लगातार विशेष अभियान चला रहे हैं।