
-राजेश मिश्र
लखनऊ : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पर्यटन (Tourism) को पंख देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा (Helicopter Service) के संचालन की तैयारी कर ली गयी है। प्रदेश में पर्यटन के लिहास से महत्वपूर्ण शहरों में आने वाले लोगों को हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। पहले चरण में चार शहरों में निजी सार्वजनिक सहभागिता (Private Public Partnership) (पीपीपी) के आधार पर हेलीपोर्ट (Heliport) संचालित होंगे। इन हेलीपोर्टों से पर्यटकों को आसपास के शहरों तक आवागमन की सुविधा के साथ ही हवाई दर्शन की सेवा उपलब्ध करायी जाएगी।
उत्तर प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की पसंद में अव्वल आगरा शहर में जल्दी ही हेलीपोर्ट संचालित होने लगेगा। इसके अलावा मथुरा, लखनऊ और बौद्ध तीर्थयात्रियों के अहम पड़ाव कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर जिले में हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरु की जाएगी। इस सेवा के संचालन के लिए हेलीपोर्ट को पीपीपी मॉडल पर निजी निवेशकों के जरिए विकसित और संचालित किया जाएगा। इन चार शहरों के अलावा प्रागराज में भी पर्यटकों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन की पूरी तैयारी कर ली गयी है। वाराणसी में पर्यटकों को एरियल भ्रमण के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवाएं चलाने की योजना है। वाराणसी में कम समय के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए शहर के महत्वपूर्ण स्थानों को महज कुछ घंटों में देखना संभाव हो सकेगा।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आगरा, मथुरा, कपिलवस्तु और प्रयागराज में हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरु करने के लिए हेलीपोर्ट विकसित किए जाएंगे। जबकि लखनऊ में पहले से काम आ रहे हेलीपैड को ही इस्तेमाल में लाया जाएगा। लखनऊ में रमाबाई अंबेडकर रैली स्थल के पास बने पक्के हेलीपैड को हेलीपोर्ट के तौर पर विकसित करने के लिए इसे पर्यटन विभाग को दे दिया गया है। पर्यटन विभाग यहां जरुरी सुधार कर जल्द ही हीलपोर्ट के तौर पर संचालित करने लगेगा। अन्य शहरों में भी हेलीपोर्ट के लिए जमीन चिन्हित कर ली गयी है। इन हेलीपोर्टों को विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने पांच-पांच करोड़ रुपए पहले ही दे दिए हैं। हाल ही में योगी मंत्रिपरिषद ने बाई सर्कुलेशन के तहत हेलीपोर्टों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने और विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।






