
अजित पवार की अंतिम यात्रा प्रयागराज, फोटो- सोशल मीडिया
Ajit Pawar Ashes Immersion in Prayagraj: महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अस्थियां रविवार को पवित्र संगम में विसर्जित कर दी गईं। 28 जनवरी को हुए दर्दनाक विमान हादसे में उनके निधन के बाद से पूरे देश में शोक की लहर थी। बारामती से शुरू हुई यह अंतिम यात्रा देश के विभिन्न कोनों से होते हुए प्रयागराज पहुंची, जहां उनके बेटे और परिवार के सदस्यों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
अजित पवार का परिवार रविवार को एक चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए बारामती से सीधे प्रयागराज पहुंचा। एयरपोर्ट से बाहर आते ही उनके बेटे जय पवार की आंखों में आंसू थे और वे अपने पिता के अस्थि कलश को हाथ में लेकर नंगे पैर ही बाहर आए। एयरपोर्ट से लेकर संगम तट तक समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का एक लंबा काफिला उनके साथ चल रहा था। संगम के तट पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ अस्थियों को जल में प्रवाहित किया गया, जहां भाजपा और एनसीपी के कई वरिष्ठ नेता भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी CM अजित पवार की अस्थियां रविवार को संगम में प्रवाहित की गईं। उनके बेटे जय पवार ने पिता की अस्थियों को संगम में प्रवाहित किया। परिवार चार्टर्ड फ्लाइट से बारामती से प्रयागराज आया था। जय पिता की अस्थियां लेकर नंगे पैर एयरपोर्ट से बाहर आए। उनके हाथ में… pic.twitter.com/jr9NUV9BaR — Shivani Sahu (@askshivanisahu) February 8, 2026
अजित पवार केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं थे, और यही कारण था कि एनसीपी (NCP) की युवा इकाई ने उनके लिए राष्ट्रव्यापी ‘अस्थि कलश यात्रा’ का आयोजन किया। राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा के नेतृत्व में यह यात्रा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक निकली।
यह यात्रा पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और तमिलनाडु जैसे 10 से अधिक राज्यों से होकर गुजरी। धीरज शर्मा ने बताया कि यह समर्थकों के लिए एक अत्यंत भावुक क्षण था। उनके अनुसार, अजित दादा एक राष्ट्रीय राजनैतिक शख्सियत थे और इस यात्रा का उद्देश्य उनके विकासवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाना था।
अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार ने बारामती स्थित आवास पर पारंपरिक पूजा के बाद इन अस्थियों को युवा इकाई को सौंपा था। संगम के अलावा, उनकी अस्थियों को अन्य पवित्र स्थलों पर भी विसर्जित करने का कार्यक्रम तय किया गया:
• उत्तराखंड के हरिद्वार में ‘हर की पौड़ी’।
• प्रयागराज का संगम और वाराणसी का मणिकर्णिका घाट।
• पटना (बिहार), झारखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु के कन्याकुमारी।
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बता दें कि बीते 28 जनवरी को पुणे के बारामती में एक भीषण विमान हादसा हुआ था, जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनके बड़े बेटे पार्थ पवार ने याद करते हुए कहा कि उनके पिता का नेतृत्व, किसानों के कल्याण के लिए उनकी चिंता और सामाजिक न्याय की उनकी सोच हमेशा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगी। इस यात्रा के दौरान आयोजित शोक सभाओं में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर अपने प्रिय नेता को याद किया।






