हाथों में खूबसूरत चूड़ियां दिखाती हुई तस्वीर (सौ. पिन्टरेस्ट)

महाशिवरात्रि का दिन आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ पारंपरिक दिखने का भी अवसर होता है। इस दिन महिलाएं अक्सर हरे, लाल या पीले रंग की साड़ियां पहनती हैं लेकिन आपके श्रृंगार में चूड़ियों का चुनाव पूरे लुक को बदल सकता है। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ फैशन ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए। हम आपको कुछ ऐसे डिजाइन और रंगों के बारे में बताएंगे जो शिवरात्रि के दिन ट्राई कर सकते है।

गहरा हरा: बेलपत्र का प्रतीक शिवजी को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। हरा रंग प्रकृति और उर्वरता का प्रतीक माना जाता है। यदि आप हरे रंग की कांच की चूड़ियाँ पहनती हैं, तो यह न केवल शिवरात्रि की थीम से मेल खाता है, बल्कि आँखों को भी बहुत सुकून देता है। इसे आप गोल्डन कड़ों के साथ पेयर कर सकती हैं।

नीलकंठ नीला: विषपायी शिव की याद महादेव को 'नीलकंठ' कहा जाता है। नीले रंग की चूड़ियाँ एक बहुत ही यूनिक और 'रॉयल' लुक देती हैं। अगर आपकी साड़ी ग्रे, सिल्वर या सफेद रंग की है, तो गहरे नीले रंग की कांच की चूड़ियाँ आपके हाथों में बहुत खिलेंगी।

केसरिया या नारंगी: वैराग्य और ऊर्जा केसरिया रंग आध्यात्मिकता और अग्नि की शुद्धता का प्रतीक है। महाशिवरात्रि पर इस रंग की चूड़ियाँ पहनना उत्साह और ऊर्जा का संचार करता है। यह रंग पीली या लाल साड़ी के साथ बहुत खूबसूरत लगता है।

भस्म ग्रे या सिल्वर: शिव का प्रिय रंग शिवजी अपने शरीर पर भस्म रमाते हैं। अगर आप कुछ मॉडर्न और हटकर ट्राई करना चाहती हैं, तो सिल्वर या मैटेलिक ग्रे रंग की चूड़ियाँ पहनें। यह आजकल काफी ट्रेंड में है और ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी के साथ बहुत 'एस्थेटिक' लुक देता है।

लाल और पीला: शिव-शक्ति का मिलन लाल रंग शक्ति का प्रतीक है और पीला शुभता का। इन दोनों रंगों की चूड़ियों का मिक्स सेट पहनना 'शिव-शक्ति' के मिलन को दर्शाता है। यह सदाबहार कॉम्बिनेशन हर तरह की पारंपरिक साड़ी पर जचता है।






