
गोंडा में टीचर ने बच्चे की बेरहमी से पिटाई की, फोटो- सोशल मीडिया
Gonda Teacher Beats Student: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक निजी स्कूल के शिक्षक ने होमवर्क पूरा न करने पर कक्षा दो के छात्र को गिनकर 105 डंडे मारे। इस बर्बरता ने न केवल बच्चे को गंभीर शारीरिक चोट पहुँचाई है, बल्कि मासूमों की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला गोंडा जिले के कर्नलगंज थाना क्षेत्र का है। चतरौली के चतरुपुर नकार निवासी राज प्रसाद गोस्वामी, जो पेशे से मजदूर हैं, उनका 9-10 वर्षीय बेटा अभिषेक गोस्वामी गुम्दाहा स्थित एमआरजी पब्लिक स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र है। परिजनों के अनुसार, अभिषेक रोजाना की तरह स्कूल गया था। दोपहर के समय सोशल साइंस की क्लास लेने आए शिक्षक प्रखर सिंह ने बच्चों से उनका होमवर्क दिखाना शुरू किया। जब वे अभिषेक के पास पहुंचे और उसका होमवर्क पूरा नहीं मिला, तो शिक्षक ने अपना आपा खो दिया और मासूम बच्चे पर कहर बनकर टूट पड़े।
शिक्षक प्रखर सिंह ने बच्चे को सजा देने के नाम पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने अभिषेक के पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर एक-दो नहीं, बल्कि गिनकर 105 डंडे बरसाए। पिटाई इतनी भीषण थी कि बच्चे के दोनों पैरों पर सूजन आ गई और गहरे नीले निशान उभर आए।
हैरानी की बात यह है कि पिटाई के बाद जब बच्चा दर्द से बुरी तरह रोने लगा, तो शिक्षक ने उसे चुप कराने के लिए एक बिस्किट दिया। इतना ही नहीं, आरोपी शिक्षक ने मासूम को धमकी भी दी कि अगर उसने घर पर किसी को इस बारे में बताया, तो अगले दिन उसे और भी ज्यादा मारा जाएगा। बच्चा डरा-सहमा घर पहुंचा, जहां उसकी हालत देखकर परिजन दंग रह गए।
जब पीड़ित बच्चे के पिता राज प्रसाद गोस्वामी शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे, तो उन्हें वहां भी अपमान झेलना पड़ा। पिता का आरोप है कि विद्यालय के संचालक और प्रिंसिपल माधवराज ने उनकी बात सुनने और कार्रवाई करने के बजाय उन्हें डांटकर स्कूल से भगा दिया।
यही नहीं, पीड़ित परिवार पर यह दबाव भी बनाया गया कि वे इस मामले की पुलिस में शिकायत न करें। हालांकि, बच्चे की गंभीर हालत और शरीर पर चोट के निशान देखकर परिजनों ने पुलिस की शरण लेने का फैसला किया। मामले के तूल पकड़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक प्रखर सिंह को नौकरी से निकाल दिया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गोंडा पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर चचरी चौकी प्रभारी अवनीश शुक्ला को जांच सौंपी गई है। बच्चे का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है ताकि चोट की गंभीरता का कानूनी दस्तावेजीकरण हो सके।
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खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सुशील कुमार सिंह ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और कहा है कि वे स्वयं विद्यालय जाकर जांच करेंगे और दोषी पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 की धारा 17 के तहत स्कूलों में बच्चों को किसी भी तरह का शारीरिक दंड या मानसिक प्रताड़ना देना पूरी तरह प्रतिबंधित और कानूनी रूप से दंडनीय अपराध है।






