सरकार में शामिल होकर भी बेबस जयंत चौधरी! रालोद प्रमुख के बयान ने बढ़ाया सियासी पारा, देखें- VIDEO

UP Politics: मुजफ्फरनगर के सावटू में किसानों ने रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के सामने यूरिया की कमी का मुद्दा उठाया। उस पर आई जयंत चौधरी की प्रतिक्रिया ने उत्तर प्रदेश का सियासी महौल गरमा दिया है।
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जयंत चौधरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Uttar Pradesh News: केंद्र सरकार में कौशल विकास राज्य मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के एक बयान से राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। दरअसल, शुक्रवार को रालोद प्रमुख मुजफ्फरनगर के भौरा कला के सावटू गांव पहुंचे। यहाँ एक कार्यक्रम के दौरान जब किसानों ने खाद की कमी का मुद्दा उठाया तो जयंत ने कुछ ऐसा कहा कि सियासी बवाल मच गया।

जयंत चौधरी राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर मुजफ्फरनगर के सावटू गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किसानों से मुलाकात की। किसानों ने जयंत चौधरी के सामने यूरिया की कमी का मुद्दा उठाया। उस पर आई जयंत चौधरी की प्रतिक्रिया ने उत्तर प्रदेश का सियासी महौल गरमा दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी कुछ पाबंदियां हैं। जैसा आप लोग चाहेंगे, वैसा ही फैसला लिया जाएगा।

क्या कुछ बोले जयंत चौधरी?

इस पर जयंत चौधरी ने कहा, " मुजफ्फरनगर के खेत-खलिहानों पर नज़र है। यहां के किसान-मज़दूरों पर नज़र है। यही लोकदल का एजेंडा है। लोकदल के मतदाता यहां हैं। मैंने इशारा कर दिया है, यही मेरी पाबंदी है। इससे ज़्यादा मैं कुछ नहीं कह सकता। मैं जो भी हूं, आपकी वजह से हूं। मैं सीधा-सीधा बोल रहा हूं। आप जो भी कहेंगे, मैं उसके अनुसार ही फैसला लूंगा।"

बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल

रालोद अध्यक्ष के इस बयान के बाद यूपी में सियासी हलचल तेज हो गई है। वे एनडीए गठबंधन में रहेंगे या नहीं, इसे लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है। दरअसल, यूपी में कुछ ही महीनों में पंचायत चुनाव हैं। उनके इस बयान का क्या मतलब है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। जयंत चौधरी के इस बयान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग इसे शेयर कर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

चौधरी जयंत सिंह ने शुक्रवार को गांव सावटू में सांसद निधि से ग्रामीण खिलाड़ियों को खेल स्टेडियम का तोहफा दिया। उन्होंने कहा कि इस खेल मैदान में अभ्यास करके ग्रामीण विभिन्न खेलों का आनंद लेंगे और खेल जगत में अपना भविष्य भी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम को खेलों से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे आने वाले दिनों में युवा पीढ़ी को निश्चित रूप से लाभ होगा।

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