
सिर्फ एक सेल्फी से खुद जनरेट और एक्टिवेट करें अपना UAN (सोर्स-सोशल मीडिया)
EPFO Face Authentication UAN Generation: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक क्रांतिकारी ‘फेस-आईडी’ सेवा की शुरुआत की है। यह नई तकनीक EPFO फेस ऑथेंटिकेशन UAN जेनरेशन प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सरल, तेज और पूरी तरह पारदर्शी बनाती है। अब कर्मचारियों को अपना UAN नंबर जनरेट करने के लिए अपनी कंपनी या दफ्तरों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी। 8 अप्रैल 2025 से शुरू हुई यह सुविधा डिजिटल इंडिया के विजन को मजबूती देते हुए सदस्यों को उनके PF खाते पर सीधा नियंत्रण देती है।
EPFO की इस नई फेस ऑथेंटिकेशन सर्विस ने PF सिस्टम के पुराने और जटिल तरीकों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। अब सदस्य केवल एक सेल्फी के माध्यम से अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर खुद ही बना सकते हैं और उसे तुरंत सक्रिय भी कर सकते हैं। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब कर्मचारी अपनी कंपनी पर निर्भर रहे बिना अपना काम स्वयं पूरा कर सकेंगे।
UAN जनरेट करने के लिए सबसे पहले आपको सरकार के आधिकारिक उमंग ऐप पर जाकर फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद अपना आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल पर प्राप्त OTP भरने के बाद फोन के कैमरे से एक लाइव सेल्फी लें। सिस्टम आपके चेहरे का मिलान आधार डाटा से करेगा और वेरिफिकेशन सफल होते ही आपका UAN नंबर कुछ ही मिनटों में एक्टिव हो जाएगा।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यह अनिवार्य है कि आपका मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड से पहले से लिंक होना चाहिए। सेल्फी लेते समय इस बात का ध्यान रखें कि कमरा अच्छी रोशनी वाला हो और आपका चेहरा पूरी तरह से साफ दिखाई दे। प्रक्रिया के दौरान चेहरे पर मास्क या चश्मा न पहनें ताकि फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम बिना किसी तकनीकी बाधा के आपकी पहचान कर सके।
पहले UAN जनरेशन पूरी तरह से कंपनी की जिम्मेदारी होती थी जिसमें अक्सर देरी और तकनीकी गलतियों जैसी कई समस्याएं आती थीं। इन गलतियों के कारण PF क्लेम और ट्रांसफर में महीनों का समय लग जाता था जिसे अब फेस-आईडी तकनीक ने हल कर दिया है। नए सिस्टम के आने से नाम, जन्मतिथि या जेंडर जैसी छोटी गलतियों को सुधारना अब पहले के मुकाबले बहुत आसान और सटीक हो गया है।
EPFO के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 के अंत तक लगभग 50 लाख नए UAN इसी फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए बनाए गए हैं। इसके अलावा सदस्यों ने स्वयं 2.59 लाख गलत मेंबर आईडी को डी-लिंक किया है और 32 लाख से ज्यादा प्रोफाइल सुधार पूरे हुए हैं। इन महत्वपूर्ण सुधारों के कारण पूरा PF सिस्टम अब पहले से कहीं अधिक साफ, सटीक और सदस्यों के लिए भरोसेमंद संस्थान बन गया है।
यह भी पढ़ें: कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 8वें वेतन आयोग के बीच DA में 5% उछाल की उम्मीद, ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी बढ़ेगा
अब PF निकालने के पुराने नियमों को आसान बनाकर एक कर दिया गया है जिसके तहत सदस्य अपने बैलेंस का 75% हिस्सा निकाल सकते हैं। बीमारी, शादी या बच्चों की पढ़ाई जैसे जरूरी कामों के लिए 5 लाख तक का एडवांस ऑटो-प्रोसेस सुविधा के तहत तुरंत मिल जाता है। हैरानी की बात यह है कि लगभग 50% PF क्लेम अब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे सिस्टम द्वारा ऑटो-प्रोसेस किए जा रहे हैं।
जनवरी 2025 से लागू नए नियमों के अनुसार अब नौकरी बदलते ही आपका PF अकाउंट अपने-आप नई कंपनी में ट्रांसफर हो जाता है। इस ऑटोमेटिक ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए न तो कर्मचारी को और न ही नई कंपनी को किसी भी तरह का अलग आवेदन करना पड़ता है। इसके साथ ही बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए अब नियोक्ता की मंजूरी की जरूरत नहीं है जो सदस्यों के लिए एक बड़ी राहत है।
Ans: इसके लिए उमंग ऐप पर जाकर 'Self-UAN Generation' विकल्प चुनें, आधार नंबर और OTP दर्ज करें और फिर अपनी एक लाइव सेल्फी लेकर वेरिफिकेशन पूरा करें।
Ans: नहीं, फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के आने के बाद अब कर्मचारी बिना अपनी कंपनी या नियोक्ता की मदद के खुद ही UAN जनरेट और एक्टिवेट कर सकते हैं।
Ans: सेल्फी लेते समय कैमरा साफ होना चाहिए, रोशनी पर्याप्त हो और चेहरे पर मास्क या चश्मा नहीं होना चाहिए ताकि आधार डाटा से मिलान हो सके।
Ans: जनवरी 2025 से लागू नियम के अनुसार, नौकरी बदलते ही PF अकाउंट अपने-आप नई कंपनी में ट्रांसफर हो जाता है, इसके लिए किसी आवेदन की जरूरत नहीं है।
Ans: बीमारी, घर, शादी या पढ़ाई जैसे कार्यों के लिए सदस्य 5 लाख तक का एडवांस निकाल सकते हैं, जो अब ऑटो-प्रोसेस सुविधा के तहत जल्दी मिल जाता है।






