-
मंगल, 28 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Special Coverage »
- One Nation One Election Constitution Amendment 139 Bill Explained
नवभारत विशेष: एक राष्ट्र एक चुनाव संविधान से खिलवाड़
- Written By: अंकिता पटेल
One Nation Election: 'वन नेशन, वन इलेक्शन' प्रस्ताव के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की योजना है। इसके लिए 139वें संविधान संशोधन बिल का प्रस्ताव रखा गया है।

One Nation One Election India Proposal ( सोर्स: सोशल मीडिया )
One Nation One Election India Proposal: भारत के ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (ओएन ओई) प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने से खर्च कम होगा, लंबे समय तक सुरक्षा बल तैनात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आचार संहिता की वजह से होने वाली दिक्कतें कम होंगी और राजनीतिक पार्टियों को लगातार चुनावी अभियान मोड में रहने से रोका जा सकेगा।
भारत में इस बारे में सबसे बड़ा ब्लूप्रिंट पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति में सामने आया, जो अब संविधान (139वां संशोधन) बिल 2024 में कानूनी रूप ले रहा है। प्रस्तावित आर्टिकल 82ए राष्ट्रपति को एक ‘तय तारीख’ बताने का अधिकार देता है, जिससे सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल लोकसभा के चक्र के साथ जुड़ जाएगा।
इस तारीख के बाद बनी विधानसभाओं का कार्यकाल कम कर दिया जाएगा। भले ही उनका पांच साल का कार्यकाल खत्म न हुआ हो। इसके अलावा यह भारतीय चुनाव आयोग को यह अधिकार देता है कि अगर एक साथ चुनाव कराना मुमकिन नहीं होता है, तो वह राज्य चुनावों को टालने की सिफारिश कर सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
चुनावी प्रक्रिया में लापरवाही: बीएलओ के गायब रहने से रजिस्ट्रेशन पर संकट, प्रशासन के दावों की खुली पोल
28 जुलाई का इतिहास: प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत का दिन, जिसने बदल दी वैश्विक राजनीति की दिशा
नवभारत संपादकीय: फास्ट ट्रैक कोर्ट काफी नहीं, पेपर लीक रोकने को परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार जरूरी
नवभारत विशेष: कम लागत, हाई टेक्नोलॉजी… वैश्विक स्पेस बाजार में भारत की बड़ी उड़ान
आर्टिकल 83, 172, और 327 में बदलाव का प्रस्ताव है, जो गंभीर संवैधानिक चिंताएं पैदा करते हैं। कॉन्स्टट्यूएंट असेंबली में डॉ. बीआर अंबेडकर ने समझाया कि भारत ने जिम्मेदारी चुनी। राज्य सिर्फ प्रशासनिक ईकाई नहीं, बल्कि उनकी एक स्वतंत्र संवैधानिक पहचान है।
इसके उलट संसद, राज्य विधानसभा और स्थानीय निकाय के लिए अलग-अलग चुनाव एक लगातार फीडबैक मैकेनिज्म बनाते हैं, जिससे सरकारें आमजन की संवेदनाओं पर ध्यान देती हैं।
संसदीय स्थायी समिति के अनुमानों से पता चलता है कि लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव का कुल खर्च लगभग 4,500 करोड़ (2015-16), जो केंद्रीय बजट का लगभग 0.25% और जीडीपी का 0.03% है।
पीआरएस डेटा से पता चलता है कि लोकसभा चुनाव का खर्च पहले जीडीपी का 0.02%-0.05% (1957-2014) था। चुनाव चरणों में होते हैं मसलन 2024 में 82 दिन, जिससे चुनाव आयोग को ईवीएम, वीवीपैट और सिक्योरिटी फोर्स को रोटेट करने की इजाजत मिलती है।
एक साथ चुनाव कराने से यह लचीलापन खत्म हो जाएगा और महंगे नए संसाधनों की जरूरत होगी, जिससे प्रशासनिक फायदे कमजोर पड़ जाएंगे। क्या जीडीपी का 1% बचाने के लिए संविधान में बदलाव करना और संघीय व्यवस्था को कमजोर करना समझदारी है? चुनाव कोई अतिरिक्त खर्च नहीं है।
जिसे कम किया जा सके। इसके बजाय यह सेल्फ गवर्नमेंट की बार-बार होने वाली कोमत है, जिससे यह पक्का होता है कि सत्ता लोगों के प्रति जवाबदेह बनी रहे।
उतनी गंभीर बीमारी नहीं, जितनी महंगी खुराक
सबसे परेशान करने वाली बात पूरे नहीं हुए विधायी कार्यकाल के लिए मध्यावधि चुनाव है। संविधान किसी बचे हुए कॉन्सेप्ट को मान्यता नहीं देता है। हालांकि प्रस्तावित आर्टिकल 83 (6) और 172(5) का दावा है कि नया चुना हुआ हाउस पिछले हाउस का विस्तारीकरण नहीं होगा, लेकिन वे तारतम्यता बनाए रखने के लिए पहले के चुनावी चक्र को असरदार तरीके से बनाए रखते हैं।
यह भी पढ़ें:-नवभारत निशानेबाज: बिग बी ने अयोध्या में भूखंड खरीद डाला, बने छोरा सरयू किनारे वाला
इससे कई गड़बड़ियां पैदा होती हैं। सबसे पहले, यह फ्रैंचाइज की वैल्यू कम करता है। मध्यावधि चुनाव से कम बहुमत वाली सरकारें बनेंगी, जिससे चुनाव सिर्फ कवायद बन जाएंगे और वोटर की और ज्यादा बेपरवाही का खतरा होगा।
दूसरा, यह शासन और जवाबदेही को कमजोर करता है, क्योंकि बचे हुए कार्यकाल की सरकारों में स्ट्रक्चरल रिफॉर्म के लिए इंसेंटिव की कमी होती है, जिससे पॉपुलिज्म और पॉलिसी ड्रिफ्ट को बढ़ावा मिलता है।
लेख- एम के स्टालिन. मुख्यमंत्री तमिलनाडु के द्वारा
One nation one election constitution amendment 139 bill explained
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
…तो सड़कों पर उतरेगी CJP! सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नाराज हुए अभिजीत दीपके, कहा- फिर करेंगे आंदोलन
Jul 28, 2026 | 08:09 PMइलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त फैसला: 42 साल पुराने हत्या मामले में 82 वर्षीय दोषी की अपील खारिज, जेल भेजने का आदेश
Jul 28, 2026 | 08:07 PMप्रियंका गांधी की टिप्पणी के बाद चर्चा में आए IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटी, जानें उनका परिचय
Jul 28, 2026 | 07:59 PMEXCLUSIVE: भोपाल में दिल्ली जैसा किसान आंदोलन! CM हाउस घेरने की तैयारी; मोहन सरकार के सामने रखी यह मांगे
Jul 28, 2026 | 07:56 PMUP Fire Service में बड़ा संकट: 90% तक पद खाली; 4 साल से प्रमोशन पर ब्रेक, क्या आपदा से निपटने की तैयारी अधूरी
Jul 28, 2026 | 07:46 PMपेपर लीक पर राजनीति छोड़ो, युवाओं का भविष्य बचाओ , संसद में श्रीकांत शिंदे का विपक्ष पर करारा हमला
Jul 28, 2026 | 07:34 PMBatwara 1947 Trailer: स्टेज पर छलके सनी देओल के आंसू, करण देओल बोले- पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं
Jul 28, 2026 | 07:33 PMवीडियो गैलरी

हमारे 25 विधायक NDA पर भारी, छात्रों के मुद्दे को लेकर बीजेपी पर बरसे तेजस्वी यादव; सरकार को दिया अल्टीमेटम
Jul 28, 2026 | 02:53 PM
Datia By Election; पीसी शर्मा का शिवराज पर बड़ा हमला, बोले— असली डकैत तो बीजेपी वाले हैं, देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 10:37 PM
ट्रक ड्राइवरों से लिफ्ट लेकर ट्रेनिंग जाती थीं मीराबाई चानू, कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास, देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 10:27 PM
हंगामे के बीच संसद में पेश हुआ नया बिल, अब नकल माफियाओं पर कसेगा शिकंजा! देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 10:22 PM
स्कूल में 5 साल के मासूम ने की पैंट में किया पेशाब, तो टीचर ने लाइटर से जला डाला प्राइवेट पार्ट! देखें VIDEO
Jul 27, 2026 | 09:45 PM
दतिया उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर! BJP पार्षद के घर में लगी सेंध, बेटी ने थामा कांग्रेस का हाथ- VIDEO
Jul 27, 2026 | 09:37 PM














