PF Interest: कंपनी छोड़ने के 3 साल बाद भी क्या PF पर मिलता है ब्याज? जानिए EPFO का नया नियम

PF Interest Rules: EPFO नियमों के अनुसार नौकरी छोड़ने के 3 साल बाद भी PF खाते पर ब्याज मिलता रहता है। यह ब्याज तब तक जुड़ता है जब तक कर्मचारी की उम्र 58 वर्ष न हो जाए या वह पूरा पैसा न निकाल ले।
PF Interest Rules
कंपनी छोड़ने के 3 साल बाद भी क्या पीएफ पर मिलता है ब्याज? जानिए EPFO का नया नियम (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Interest on Inactive PF Account: नौकरी बदलने या काम छोड़ने के बाद अक्सर कर्मचारियों के मन में अपने PF फंड को लेकर कई तरह की चिंताएं रहती हैं। सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या पुरानी कंपनी छोड़ने के कई सालों बाद भी भविष्य निधि खाते में ब्याज जुड़ता रहेगा।

EPFO के नियमों को लेकर लोगों के बीच कई तरह की गलतफहमियां फैली हुई हैं जिनमें से एक यह भी है कि तीन साल बाद खाता बंद हो जाता है। वास्तव में आपके PF खाते पर ब्याज मिलने की प्रक्रिया आपके रोजगार की स्थिति के बजाय आपकी उम्र और UAN लिंक होने पर निर्भर करती है।

नौकरी छोड़ने के बाद ब्याज का गणित

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार अगर आपका PF खाता यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक है तो नौकरी छोड़ने के बाद भी उस पर ब्याज मिलना बंद नहीं होता है। भले ही आपने तीन साल पहले कंपनी छोड़ी हो या उससे भी अधिक समय पहले आपके खाते में जमा राशि पर हर साल सरकार द्वारा घोषित दर से ब्याज जुड़ता रहेगा। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक कि कर्मचारी की आयु 58 वर्ष नहीं हो जाती या वह अपने खाते से पूरी रकम नहीं निकाल लेता है। इसलिए यह सोचना गलत है कि योगदान रुकते ही कमाई भी रुक जाती है।

इनऑपरेटिव खाते और टैक्स के नियम

नियमों के मुताबिक अगर किसी PF खाते में 36 महीनों तक कोई नया अंशदान जमा नहीं होता है तो उसे 'इनऑपरेटिव' यानी निष्क्रिय श्रेणी में डाल दिया जाता है। हालांकि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि ब्याज मिलना रुक जाएगा बल्कि निष्क्रिय खातों पर भी EPFO ब्याज देना जारी रखता है।

यहां गौर करने वाली बात यह है कि नौकरी में रहते हुए PF पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होता है लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद मिलने वाले ब्याज को 'अन्य स्रोतों से आय' माना जाता है जिस पर टैक्स चुकाना पड़ सकता है। अगर सालाना ब्याज की राशि 50 हजार रुपये से अधिक होती है तभी टीडीएस के नियम लागू होते हैं।

पुराने खाते को नए से लिंक करना क्यों है जरूरी

EPFO हमेशा अपने सदस्यों को सलाह देता है कि वे अपने पुराने पीएफ खातों को वर्तमान सक्रिय यूएएन के साथ मर्ज या लिंक कर लें। इसके लिए विभाग द्वारा 'वन मेंबर वन ईपीएफ अकाउंट' की सुविधा दी गई है जिससे सभी पुराने फंड एक ही जगह जमा हो जाते हैं।

इससे न केवल ब्याज की ट्रैकिंग आसान हो जाती है बल्कि रिटायरमेंट के समय या जरूरत पड़ने पर पैसा निकालने में भी कोई परेशानी नहीं आती है। आप उमंग ऐप या EPFO पोर्टल के माध्यम से अपनी पासबुक चेक करके यह देख सकते हैं कि आपके खाते में कितना ब्याज जुड़ा है।

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