
आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों का अद्भुत नजारा (सौ. एआई)
Best Places for Kite Flying: भारत त्योहारों का देश है और यहां हर उत्सव को मनाने का अपना एक अनूठा अंदाज है। मकर संक्रांति एक ऐसा ही त्योहार है जिसमें पूरा देश भक्ति के साथ-साथ मनोरंजन के रंग में भी डूब जाता है। इस दिन जब सूर्य उत्तरायण होते हैं तो भारत के कई शहरों का आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से ढक जाता है। यह सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि एक कला और अंतरराष्ट्रीय स्तर का उत्सव बन चुका है।
जब पतंगों की बात हो तो गुजरात का नाम सबसे ऊपर आता है। अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित होने वाला इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहा केवल भारत ही नहीं बल्कि जापान, अमेरिका, ब्राजील और मलेशिया जैसे देशों से भी लोग अपनी विशाल और अनोखी पतंगें उड़ाने आते हैं। रात के समय लालटेन वाली पतंगें उड़ाना इस उत्सव का सबसे जादुई पल होता है।
सफेद रेगिस्तान की मखमली रेत और नीले आसमान के बीच रंगीन पतंगों का नजारा किसी सपने जैसा लगता है। मकर संक्रांति के दौरान कच्छ के रण उत्सव में विशेष पतंगबाजी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। नमक की इस सफेद चादर पर जब हजारों पतंगें एक साथ लहराती हैं तो पर्यटक बस देखते ही रह जाते हैं। यह जगह फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए स्वर्ग है।
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में मकर संक्रांति का एक अलग ही जुनून देखने को मिलता है। जयपुर के इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में राजसी ठाट-बाट की झलक मिलती है। यहां सिटी पैलेस और जल महल के आसपास का आसमान रंगीन पतंगों से भर जाता है। वो काटा की गूंज और छतों पर बजते राजस्थानी लोक संगीत के बीच पतंगबाजी का आनंद लेना एक यादगार अनुभव होता है। यहां पर्यटकों के लिए विशेष प्रदर्शनी और प्रतियोगिताएं भी होती हैं।
उड़ती पतंगे (सौ. प्रतीकात्मक तस्वीर)
बिहार में मकर संक्रांति को दही-चूड़ा के त्योहार के रूप में मनाया जाता है लेकिन यहां भागलपुर और पटना के गंगा घाटों पर होने वाली पतंगबाजी अब काफी मशहूर हो रही है। लोग सुबह से ही गंगा के किनारे जुटना शुरू हो जाते हैं। पानी की लहरों के ऊपर पतंगों की पेंच लड़ाना यहाँ का मुख्य आकर्षण है। यहां स्थानीय व्यंजनों के स्वाद के साथ पतंगबाजी का मजा दोगुना हो जाता है।
दक्षिण भारत में मकर संक्रांति को पोंगल के रूप में मनाया जाता है लेकिन हैदराबाद में पतंगबाजी का क्रेज उत्तर भारत जैसा ही होता है। हैदराबाद के परेड ग्राउंड में तेलंगाना इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल आयोजित किया जाता है। यहां दूर-दूर से पेशेवर पतंगबाज आते हैं। इस महोत्सव का उद्देश्य संस्कृति को बढ़ावा देना और लुप्त होती पतंगबाजी की कला को जीवित रखना है।
अगर आप इन महोत्सवों का हिस्सा बनने जा रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। पतंगबाजी के दौरान हमेशा सूती धागे का उपयोग करें और चाइनीज मांझे से बचें क्योंकि यह पक्षियों और इंसानों के लिए जानलेवा हो सकता है। साथ ही इन शहरों में जाने के लिए कम से कम एक महीने पहले होटल और टिकट की बुकिंग कर लें क्योंकि मकर संक्रांति पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है।






