
त्योहार का आनंद लेते पर्यटकों की दर्शाता प्रतीकात्मक (सौ. फ्रीपिक)
Best places to celebrate Makar Sankranti: मकर संक्रांति का पावन पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है। जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो पूरे देश में उल्लास की लहर दौड़ जाती है। भारतीय परंपरा में इसे नई फसल की खुशी और दान पुण्य का समय माना जाता है। हालांकि भारत के हर राज्य में इसका अलग रंग देखने को मिलता है।
अगर आप इस बार मकर संक्रांति बाहर मनाना चाहते हैं तो देश कुछ अनोखे राज्यों में जा सकते हैं। जहां पर इस त्यौहार को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।
गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण कहा जाता है। अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा में अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन होता है। यहां की छतों पर लोग ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक व्यंजनों जैसे उंधियू और जलेबी के साथ पतंगबाजी का आनंद लेते हैं। रात के समय आकाश में उड़ने वाली लालटेन इस उत्सव को जादुई बना देती हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मकर संक्रांति का अर्थ आध्यात्मिक शुद्धि है। लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाते हैं। इस दिन खिचड़ी का सेवन और तिल-गुड़ का दान विशेष महत्व रखता है। माघ मेले की रौनक इस पर्व की शोभा को कई गुना बढ़ा देती है।
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दक्षिण भारत विशेषकर तमिलनाडु में इसे पोंगल के रूप में चार दिनों तक मनाया जाता है। नई फसल के चावल से बना मीठा पोंगल प्रसाद, गाय-बैलों की पूजा और घरों के बाहर सजी खूबसूरत रंगोली किसानों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक जरिया है।
जयपुर जैसे शहरों में मकर संक्रांति पर आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। यहाँ पतंगबाजी की बड़ी प्रतियोगिताएं होती हैं। पारंपरिक लोक संगीत और घेवर जैसे व्यंजनों के साथ राजस्थानी संस्कृति का भव्य रूप देखने को मिलता है।
उत्तराखंड के इन धार्मिक शहरों में भी संक्रांति का बड़ा महत्व है। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं और शाम की भव्य गंगा आरती में शामिल होते हैं। यह स्थान शांति और भक्ति की तलाश करने वालों के लिए बेस्ट है।






