मेटा ने चैटजीपीटी को टक्कर देने के लिए लॉन्च किया अपना नया AI ऐप, जानें खासियतें

अब तक मेटा एआई का उपयोग करने के लिए व्हॉट्सऐप, मैसेंजर या कंपनी की वेबसाइट पर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा एक अलग और समर्पित ऐप के रूप में उपलब्ध होगी।
ChatGPT vs Meta AI
ChatGPT vs Meta AI दोनों में कैसी होगी टक्कर। (सौ. Design)
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नवभारत टेक डेस्क: मेटा ने चैटजीपीटी जैसी सेवाओं को चुनौती देने के उद्देश्य से अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐप लॉन्च कर दिया है। अब तक मेटा एआई का उपयोग करने के लिए व्हॉट्सऐप, मैसेंजर या कंपनी की वेबसाइट पर जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा एक अलग और समर्पित ऐप के रूप में उपलब्ध होगी।

लामा 4 मॉडल पर आधारित है ऐप

यह नया ऐप मेटा द्वारा विकसित जनरेटिव एआई मॉडल 'लामा 4' (LLaMA 4) पर आधारित है। यह मॉडल टेक्स्ट जनरेशन, सवाल-जवाब, रचनात्मक लेखन और अन्य उन्नत कार्यक्षमताओं से लैस है। इसकी मदद से यूजर्स रियल टाइम में क्वालिटी कंटेंट प्राप्त कर सकते हैं।

डिस्कवर फीड से जानें अन्य यूजर्स क्या कर रहे हैं

मेटा के इस ऐप में ‘डिस्कवर फीड’ नाम का एक खास फीचर है, जहां यूजर्स देख सकते हैं कि अन्य लोग एआई का कैसे उपयोग कर रहे हैं। यह फीचर इसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से अलग और ज्यादा इंटरैक्टिव बनाता है।

बोलकर करें बातचीत

ऐप में वॉइस इंटरेक्शन की सुविधा दी गई है, जिससे यूजर एआई से बोलकर बातचीत कर सकते हैं। इससे चैट इंटरफेस और भी यूजर-फ्रेंडली बन जाता है। मोबाइल यूजर्स के लिए यह फीचर बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

सोशल मीडिया से गहरा होगा जुड़ाव

मेटा एआई ऐप को फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से लिंक करने की सुविधा भी दी गई है। इससे यह यूजर की सोशल मीडिया गतिविधियों को समझकर अधिक पर्सनलाइज अनुभव दे सकता है। उदाहरण के तौर पर, यह आपके पोस्ट के आधार पर प्रतिक्रियाएं या सुझाव दे सकता है। टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

ओपन-सोर्स और मुफ्त में उपलब्ध

सबसे खास बात यह है कि मेटा का यह एआई ऐप ओपन-सोर्स है। यानी डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स इसे मुफ्त में एक्सेस कर सकते हैं और अपने प्रोजेक्ट्स में इसका उपयोग कर सकते हैं।

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