दीदी को चुनाव से पहले बड़ा झटका, ममता की खास ने थामा 'हाथ', मुस्लिम बहुल इलाकों में बदलेंगे समीकरण

West Bengal Assembly Election का बिगुल बजने से ठीक पहले CM ममता को एक जोरदार सियासी झटका लगा है। मालदा के कद्दावर खान चौधरी परिवार की बेटी और TMC की सांसद मौसम नूर ने कांग्रेस ज्वाइंन कर ली।
Mausam Noor joins Congress Before West Bengal Assembly Election
TMC नेता मौसम नूर ने थामा कांग्रेस का दामन (फोटो- सोशल मीडिया)
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TMC Leader joins Congress: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक जोरदार सियासी झटका लगा है। मालदा के कद्दावर खान चौधरी परिवार की बेटी और टीएमसी की राज्यसभा सांसद मौसम नूर ने अपनी पुरानी पार्टी यानी कांग्रेस में 'घर वापसी' कर ली है। शनिवार को दिल्ली में हुई इस सियासी हलचल ने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इसे कांग्रेस के लिए एक बड़ी संजीवनी और टीएमसी के लिए एक बहुत बड़े नुकसान के तौर पर देखा जा रहा है।

मौसम नूर का कांग्रेस में लौटना महज एक नेता का दल बदलना नहीं है, बल्कि यह मालदा जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में समीकरण बदलने वाला कदम है। बेनजीर नूर, जिन्हें लोग मौसम नूर के नाम से जानते हैं, वह कांग्रेस मुख्यालय पहुंचीं और दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। वह 2019 में कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में गई थीं, लेकिन अब उन्होंने साफ कर दिया है कि गनी खान चौधरी का परिवार अब दोबारा कांग्रेस के झंडे के नीचे ही काम करेगा।

गनी खान की विरासत और 'हाथ' का साथ

इस खास मौके पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार खास तौर पर मौजूद रहे। जयराम रमेश ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि एबीए गनी खान चौधरी का सम्मान खुद इंदिरा गांधी भी करती थीं और वे कैबिनेट मंत्री रहे थे। आपको बता दें कि मौसम नूर 2009 से 2019 तक दो बार कांग्रेस के टिकट पर मालदा से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। 2019 में उन्होंने टीएमसी का दामन थाम लिया था और लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2020 में टीएमसी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था, जिनका कार्यकाल इसी साल अप्रैल में खत्म हो रहा है।

विधानसभा चुनाव में मालदा से ठोकेंगी ताल?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि मौसम नूर आगामी विधानसभा चुनाव में मालदा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। कांग्रेस में शामिल होते ही उन्होंने साफ कहा कि वह पार्टी की विचारधारा को आगे ले जाना चाहती हैं। वहीं, गुलाम अहमद मीर ने हुंकार भरते हुए कहा कि बंगाल में कांग्रेस अभी जिंदा है और अब पार्टी पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरेगी। मौसम नूर के आने से कांग्रेस को उम्मीद है कि संगठनात्मक रूप से पार्टी में नई जान आएगी और पुराने कार्यकर्ता फिर से एकजुट होंगे, जिससे मुस्लिम इलाकों में पार्टी का हौसला और बुलंद होगा।

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