मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के कर्जत (Karjat) स्थित किसान रोहिणी पिंगले के पेट में जटिल ट्यूमर (Tumor) था, जिससे उन की किडनी खराब हो गई थी। उनके पेट के ट्यूमर को अलग करने के लिए उनकी बायीं किडनी निकालने की सलाह दी गई। इस ट्यूमर की गंभीरता को देखते हुए अधिकांश डॉक्टरों ने सर्जरी (Surgery) करने से परहेज किया था। 43 वर्षीय महिला को स्थानीय सामान्य डॉक्टरों के कई परामर्शों, जैसे की किडनी का त्याग करने के साथ-साथ कटिंग-ओपन ट्यूमर हटाने की सर्जरी कराने की सलाह दी गई।
लेकिन उस में समय लगने की वजह से महिला को गंभीर पेट दर्द का सामना करना पड़ा। करीब 3 महीने उन्होंने इस दर्द का सामना किया, जिसके बाद उन्होंने एचएन आरएफएच में डॉ. संतोषी नागोआंकर के पास परामर्श किया। उनके केस की स्टडी करने के बाद पता चला कि वह एक जटिल ट्यूमर से पीड़ित थी, जो उसकी बाईं किडनी की रक्त वाहिका के करीब बैठा था और उसे तत्काल निकालने की आवश्यकता थी।
इसकी जटिलता के कारण, यह एक उच्च जोखिम वाली सर्जरी होगी। उसकी सफलता का अनुपात बढ़ाने के लिए उस पर रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) की गई। इससे न केवल ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाने में मदद मिली बल्कि उसकी किडनी भी बच गई। मरीज़ सर्जरी के बाद 10 दिनों के भीतर एक छोटे से घाव के साथ घर वापस गई और वर्तमान में अपना खेती का काम कर रही है।