बाइक रैली से सोशल मीडिया तक सियासी संग्राम, नासिक चुनाव में बढ़ा तनाव; पुलिस का सख्त रुख

Social Media Fake Content: नासिक मनपा चुनाव 2026 के प्रचार में हिंसा और सोशल मीडिया दुष्प्रचार बढ़ता जा रहा है। मारपीट, हंगामा और एआई से मॉर्फ फोटो वायरल करने के मामलों में पुलिस ने चार केस दर्ज किए ह
From bike rallies to social media, the political battle intensifies in Nashik elections; police adopt a strict stance.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Election Campaign Violence: नासिक महानगरपालिका चुनाव 2026 का प्रचार अभियान जैसे-जैसे परवान चढ़ रहा है, वैसे-वैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के बीच की जंग हिंसक और अपमानजनक होती जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में राजनीतिक बयानबाजी अब मारपीट और सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो वायरल करने तक पहुंच गई है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अब तक चार अलग-अलग मामले दर्ज कर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रभाग क्रमांक 29 के पवन नगर इलाके में भाजपा उम्मीदवार दीपक बडगुजर के लिए मतदान पर्चियां बांट रहे एक कार्यकर्ता पर बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने अचानक हमला कर दिया।

हमलावरों ने न केवल कार्यकर्ता की पिटाई की, बल्कि मतदाताओं के डेटा वाली नोटबुक भी फाड़ दी। इस घटना के बाद अंबड पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पुराने नासिक के सारडा सर्कल में हाजी मुजाहिद शेख और सूफी जीन के कार्यकर्ताओं के बीच बाइक रैली के दौरान जोरदार नारेबाजी और हंगामा हुआ।

मुंबई नाका पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर कड़ी फटकार लगाई और धारा 168 के तहत नोटिस जारी किए हैं। चुनाव में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल अब प्रतिद्वंद्वियों की छवि बिगाड़ने के लिए किया जा रहा हैः मुकेश शहाणे मामलाः प्रभाग 29 से उम्मीदवार मुकेश शहाणे की एक आपत्तिजनक फोटो एआई (AI) की मदद से मॉर्फ करके सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई।

एआई और मॉर्ड वीडियो का दुरुपयोग

इस मामले में अंबड पुलिस ने 'मोटी दलवी' नामक व्यक्ति के खिलाफ रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। विनायक पांडे मामलाः पूर्व मेयर विनायक पांडे का एक आपत्तिजनक मॉर्ड वीडियो व्हाट्सएप ग्रुप्स पर वायरल करने के आरोप में श्रीकांत वावरे के खिलाफ भद्रकाली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

वीडियो के साथ अपमानजनक टेक्स्ट लिखकर पांडे को बदनाम करने की कोशिश की गई थी सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विश्वास पाटिल ने सभी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को आगाह किया है कि चुनावी माहौल बिगाड़ने या किसी की व्यक्तिगत छवि को ठेस पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस सोशल मीडिया पर पैनी नजर रख रही है। सिडको और भद्रकाली जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि मतदान से पहले किसी भी तरह की हिंसक झड़प को रोका जा सके। चुनाव प्रचार में बढ़ते इस 'उत्पात' ने प्रशासन के सामने सुरक्षा की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

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