दुनिया का पहला उड़ने वाला ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार, आयरनकब MK3 ने भरी सफल उड़ान

इंसानों जैसा दिखने वाला ह्यूमनॉइड रोबोट अब उड़ भी सकता हैं। इटली के वैज्ञानिकों ने इटालियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दुनिया का पहला जेटपैक-संचालित ह्यूमनॉइड रोबोट बना दिया है।
दुनिया का पहला उड़ने वाला ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार, आयरनकब MK3 ने भरी सफल उड़ान
Robot जो हवाा में उड़ेगा। (सौ. X)
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इंसानों की तरह बोलने, चलने और चीजें उठाने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट अब उड़ भी सकते हैं। इटली के वैज्ञानिकों ने ऐसा कर दिखाया है। इटालियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने दुनिया का पहला जेटपैक-संचालित ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार किया है, जिसका नाम है आयरनकब MK3। मासूम बच्चे जैसे चेहरे और छोटे कद वाला यह रोबोट अब न सिर्फ ज़मीन पर चल सकता है, बल्कि हवा में उड़ान भी भर सकता है।

जेट इंजन और हीट-रेसिस्टेंट बॉडी से लैस

आयरनकब MK3 को चार थ्रस्टर्स की मदद से उड़ाया गया—दो पीठ पर लगे जेटपैक में और दो हाथों की जगह पर। इसका कुल वजन करीब 22 किलोग्राम है और इसमें लगे टर्बाइन्स 1000 न्यूटन से अधिक का थ्रस्ट उत्पन्न करते हैं, जो इसे हवा में स्थिर बनाए रखते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, “इन टर्बाइनों से निकलने वाली गर्म हवा का तापमान 800 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, इसलिए रोबोट की बॉडी को विशेष हीट-रेसिस्टेंट मटीरियल से तैयार किया गया है।”

नेचर कम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग में प्रकाशित हुआ डेटा

इस अभूतपूर्व प्रयोग का विवरण प्रतिष्ठित जर्नल Nature Communications Engineering में प्रकाशित किया गया है। परीक्षण के दौरान रोबोट को एक निश्चित ऊंचाई पर उड़ाया गया, जहां वह संतुलन बनाए रखने में सफल रहा।

आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में निभाएगा बड़ी भूमिका

वैज्ञानिकों का मानना है कि आयरनकब MK3 सिर्फ अनुसंधान के लिए नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन, बचाव अभियान, जलमग्न इमारतों, परमाणु और रासायनिक दुर्घटनाओं जैसे खतरनाक क्षेत्रों में भी मानव सहायता के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है। साथ ही यह टेलीकम्युनिकेशन टावरों और पुलों की मरम्मत जैसे जटिल कार्यों में भी मदद करेगा।

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