विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर MS Dhoni का बड़ा बयान, कहा- उम्र के आधार पर नहीं...

ICC ODI World Cup: दो बार के वर्ल्ड कप विजेता MS Dhoni का मानना है कि चयन में उम्र नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस और फिटनेस मायने रखती हैं। धोनी ने कहा विराट और रोहित जब तक फिट हैं, उन्हें खेलना चाहिए।
MS Dhoni on Rohit Sharma & Virat Kohli
धोनी, विराट और रोहित (फोटो-सोशल मीडिया)
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MS Dhoni on Rohit Sharma & Virat Kohli: दो बार के वर्ल्ड कप विजेता और भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने स्पष्ट किया है कि किसी खिलाड़ी का चयन केवल उसकी परफॉर्मेंस और फिटनेस पर आधारित होना चाहिए, न कि उम्र पर। धोनी का यह बयान उस बहस के बीच आया है जिसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के 2027 वनडे वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

धोनी ने ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “क्यों नहीं? उम्र कोई पैमाना नहीं है। परफॉर्मेंस और फिटनेस ही मायने रखते हैं। अगर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और फिट है, तो उसे खेलना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला केवल खिलाड़ियों का होना चाहिए कि वे ग्लोबल टूर्नामेंट में हिस्सा लेना चाहते हैं या नहीं।

पूर्व कप्तान ने यह भी स्पष्ट किया कि उम्र को चयन का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। MS धोनी ने कहा, “जब मैंने डेब्यू किया था, तब मैं 24 साल का था, तो किसी ने मुझसे मेरी उम्र को लेकर कुछ नहीं कहा। अब अगर कोई खिलाड़ी भारत के लिए एक साल, दो साल, या कई सालों तक खेल रहा है, तो उसकी उम्र को लेकर किसी को टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है।”

बड़े मैचों में शांत रहने वाले अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत

धोनी ने अनुभव की अहमियत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बड़े मैचों और दबाव वाली परिस्थितियों में शांत रहने वाले अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत होती है। “आप 20 साल के युवा खिलाड़ियों से वह अनुभव नहीं पा सकते जो 30-32 साल के खिलाड़ी कई मैचों और दबाव के हालात में खेलकर हासिल करते हैं। ऐसे खिलाड़ी मैचों में सही निर्णय लेना, अपने दिल और भावनाओं को काबू में रखना जानते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि खासकर निचले क्रम के बल्लेबाज और डेथ ओवरों में गेंदबाज़ी करने वाले खिलाड़ी के लिए अनुभव और फिटनेस दोनों आवश्यक हैं। धोनी ने समझाया कि दबाव वाले मैचों में सही प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ियों को कई इंटरनेशनल मैचों का अनुभव होना चाहिए।

युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच होना चाहिए संतुलन

धोनी का मानना है कि युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच संतुलन होना चाहिए। उन्होंने कहा, “इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार मुकाबला करने के लिए फिट रहना सबसे बड़ा पैमाना है। उम्र केवल एक संख्या है। जो खिलाड़ी फिट और परफॉर्म करता है, वह टीम के लिए खेल सकता है।” इस बयान से साफ है कि धोनी अनुभव और फिटनेस दोनों को महत्व देते हैं और उनका मानना है कि चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों की क्षमता और इच्छा सर्वोपरि होनी चाहिए। उनके विचार निश्चित रूप से 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम चयन पर बहस को और गहरा करेंगे।

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