
पाकिस्तान क्रिकेट टीम (फोटो- सोशल मीडिया)
Pakistan refused to play against India in the T20 World Cup: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले क्रिकेट फैंस को एक बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान सरकार ने साफ कर दिया है कि उसकी टीम टूर्नामेंट में हिस्सा तो लेगी, लेकिन भारत के खिलाफ 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मुकाबले का बहिष्कार करेगी। इस ऐलान के बाद दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमी हैरान हैं, क्योंकि भारत-पाकिस्तान मैच को टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। फैंस लंबे समय से इस महामुकाबले का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब यह संभव होता नजर नहीं आ रहा है।
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह फैसला सुरक्षा कारणों और कुछ आईसीसी फैसलों के विरोध में लिया गया है। हालांकि, क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव का असर खेल पर पड़ा हो। दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी का खामियाजा कई बार क्रिकेट को भी भुगतना पड़ा है। इसके चलते बीते कई सालों से दोनों टीमें द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेल रही हैं और सिर्फ आईसीसी या एसीसी टूर्नामेंट में ही आमने-सामने आती हैं।
अगर इतिहास पर नजर डालें तो पाकिस्तान ने अब तक किसी भी आईसीसी वर्ल्ड कप मुकाबले में भारत के खिलाफ आधिकारिक रूप से मैच का बॉयकॉट नहीं किया है। हालांकि, राजनीतिक और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाकिस्तान कई बार भारत में होने वाले टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेने से पीछे हट चुका है। 1990-91 में भारत की मेजबानी में होने वाले एशिया कप में पाकिस्तान ने अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारत ने भी पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट पूरी तरह बंद कर दिया। तब से दोनों टीमें सिर्फ वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप और एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स में ही टकराती रही हैं।
भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का सीधा नुकसान पाकिस्तान को ग्रुप स्टेज में होगा। मैच को फॉरफिट माना जाएगा, जिससे पाकिस्तान को सीधे दो अहम पॉइंट्स गंवाने पड़ेंगे, जबकि भारत को बिना खेले ही पूरे दो अंक मिल जाएंगे। इससे पाकिस्तान के लिए अगले दौर में पहुंचने की राह काफी मुश्किल हो सकती है।
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भारत-पाकिस्तान मुकाबला वर्ल्ड कप का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मैच होता है। कई बार इसकी व्यूअरशिप फाइनल से भी ज्यादा रहती है। ऐसे में यह मैच न होने से ब्रॉडकास्टर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। भले ही आईसीसी ने मीडिया राइट्स पहले ही बेच दिए हों, लेकिन विज्ञापन और व्यूअरशिप के लिहाज से यह फैसला पूरे टूर्नामेंट पर असर डाल सकता है। साथ ही पाकिस्तान को भी फाइनेंशियल और इमेज लॉस झेलना पड़ सकता है।






