पूर्ण राज्य के दर्जे पर हंगामे के आसार, जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 27 दिवसीय सत्र शुरू, विपक्षी दल घेरेंगे सरकार

Omar Abdullah budget 2026 Speech: जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। 6 फरवरी को सीएम उमर अब्दुल्ला बजट पेश करेंगे।
पूर्ण राज्य के दर्जे पर हंगामे के आसार: जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 27 दिवसीय सत्र शुरू, विपक्षी दल घेरेंगे सरकार
जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला (फोटो- सोशल मीडिया)
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ammu Kashmir Assembly Budget Session: जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बहुप्रतीक्षित बजट सत्र सोमवार, 2 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र केंद्र शासित प्रदेश की राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकार के चुनावी वादों और विशेष रूप से 'पूर्ण राज्य का दर्जा' बहाल करने की मांग पर तीखी बहस होने की आशंका है।

LG के संबोधन से होगी शुरुआत

विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर के अनुसार, सत्र की शुरुआत उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अभिभाषण के साथ होगी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जिनके पास वित्त विभाग का प्रभार भी है, आगामी 6 फरवरी को सदन में बजट पेश करेंगे। गौरतलब है कि नई सरकार के गठन के बाद यह एक महत्वपूर्ण अवसर होगा जब राज्य के विकास का वित्तीय खाका जनता के सामने रखा जाएगा।

तीन चरणों में चलेगा 27 दिवसीय सत्र

विधानसभा द्वारा जारी कैलेंडर के मुताबिक, यह बजट सत्र कुल 27 दिनों तक चलेगा, जिसे तीन चरणों में विभाजित किया गया है।

पहला चरण: फरवरी के प्रारंभ से रमजान शुरू होने तक।

दूसरा और तीसरा चरण: ईद-उल-फितर के बाद मार्च और अप्रैल के महीनों में आयोजित किया जाएगा। यह पूरा सत्र 4 अप्रैल को संपन्न होगा। व्यापार सलाहकार समिति ने इस कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया है ताकि सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

सुरक्षा और सुचारू संचालन की तैयारी

विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने बताया कि सत्र के सफल संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने और जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी चर्चा करने की अपील की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उच्चाधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई है ताकि कार्यवाही बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष बिजली, रोजगार और राज्य के दर्जे जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा, जिससे इस सत्र के काफी हंगामेदार रहने की संभावना है।

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