

Which players died in 2025: साल 2025 क्रिकेट की दुनिया के लिए एक बेहद दुखद साल बनकर सामने आया। इस साल खेल से जुड़े कई ऐसे बड़े नाम हमेशा के लिए खामोश हो गए, जिनकी वजह से क्रिकेट को नई पहचान मिली थी। Cricketers Died in 2025 से जुड़ी खबरों ने न सिर्फ खिलाड़ियों को, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों को भी गहरे सदमे में डाल दिया।
पूरे साल के दौरान करीब 40 से ज्यादा क्रिकेटरों और ऑफिशियल्स का निधन हुआ। जैसे-जैसे साल आगे बढ़ता गया, इस आंकड़े ने क्रिकेट जगत को और अधिक उदास कर दिया। सोशल मीडिया पर फैन्स इन सितारों को याद करते नजर आए और भावुक संदेशों के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
रिपोर्ट्स के अनुसार जुलाई 2025 तक करीब 14 क्रिकेटरों और अधिकारियों का निधन हो चुका था, लेकिन साल खत्म होते-होते यह संख्या 40 तक पहुंच गई। इसने साफ कर दिया कि 2025 क्रिकेट के इतिहास के सबसे दुखद वर्षों में शामिल हो गया। भारत, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे जैसे कई देशों ने अपने-अपने क्रिकेट नायकों को खोया। इन खिलाड़ियों का योगदान सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं था, बल्कि इन्होंने क्रिकेट को लोगों के दिलों से जोड़ा।
2025 में जिन नामों ने क्रिकेट जगत को अलविदा कहा, उनमें भारत के दलीप दोशी प्रमुख रहे। 23 जून 2025 को उनका निधन हुआ। उन्होंने भारत के लिए 33 टेस्ट मैचों में 114 विकेट लिए और अपनी शानदार स्पिन गेंदबाजी से पहचान बनाई।
इंग्लैंड के एमजे हैरिस और डीवी लॉरेंस, दक्षिण अफ्रीका के बीवी टूथ और जेडटीए नदमाने, ऑस्ट्रेलिया के जीएफ रॉर्क, अफगानिस्तान के बिस्मिल्लाह शिनवारी, वेस्टइंडीज के जेसी एलन और जिम्बाब्वे के एमए मेमन जैसे नाम भी इस साल क्रिकेट दुनिया से विदा हो गए। इन सभी खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स ने अपने-अपने दौर में क्रिकेट को मजबूत किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बने।
इन दिग्गजों के निधन के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स भावुक नजर आए। किसी ने लिखा, “2025 ने हमारे क्रिकेट हीरो छीन लिए।” BCCI ने दलीप दोशी को भारतीय क्रिकेट का गौरव बताया, जबकि ECB और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने खिलाड़ियों के योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि संदेश जारी किए।
साल 2025 ने यह सिखाया कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भावनाओं और यादों का रिश्ता है। भले ही ये दिग्गज आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी पारियां, विकेट और संघर्ष हमेशा क्रिकेट इतिहास में जिंदा रहेंगे। यह साल हमें अपने नायकों को समय रहते सम्मान देने की सीख देता है।