

PAK vs NED T20 World Cup 2026: T20 विश्व कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान की टीम ने नीदरलैंड्स को 3 विकेट से हराकर जीत के साथ अभियान की शुरुआत की। हालांकि मैच के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब पाकिस्तान की हार लगभग तय मानी जा रही थी। टीम दबाव में थी और रन गति भी बढ़ती जा रही थी, लेकिन अंतिम ओवरों में फहीम अशरफ ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पलट दिया। उनकी अहम पारी की बदौलत पाकिस्तान ने मुश्किल स्थिति से बाहर निकलते हुए जीत दर्ज की।
इस मुकाबले में पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। बाबर 18 गेंदों का सामना करते हुए केवल 15 रन ही बना पाए और अपनी पारी में सिर्फ एक चौका लगा सके। उनकी धीमी बल्लेबाजी और जल्दी आउट होने के कारण एक बार फिर उनकी टी20 खेलने की शैली पर सवाल उठने लगे हैं। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ लगातार यह चर्चा कर रहे हैं कि बाबर का स्ट्राइक रेट टी20 क्रिकेट के लिहाज से पर्याप्त आक्रामक नहीं माना जाता।
बाबर आजम के आउट होने के बाद कमेंट्री के दौरान टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी उनकी बल्लेबाजी शैली पर टिप्पणी की। कैफ ने कहा कि बड़े शॉट लगाना बाबर की ताकत नहीं रही है और उनका खेल अधिकतर गैप में शॉट खेलकर रन बनाने पर आधारित रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब बाबर बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं तो अक्सर जोखिम बढ़ जाता है और विकेट गिरने की संभावना भी ज्यादा रहती है। कैफ की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई।
बाबर आजम के टी20 रिकॉर्ड पर नजर डालें तो वह अब तक 140 से अधिक टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट लगभग 128 के आसपास रहा है। आधुनिक टी20 क्रिकेट में जहां बल्लेबाजों से तेज रन बनाने की उम्मीद की जाती है, वहां बाबर की यह शैली कई बार आलोचना का कारण बनती रही है।
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई बिग बैश लीग में भी बाबर का प्रदर्शन खास नहीं रहा था। उन्होंने 11 मैचों में 202 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट लगभग 103 रहा और औसत 22.44 का रहा, जिसे उनके स्तर के बल्लेबाज के लिए औसत प्रदर्शन माना गया।
नीदरलैंड्स के खिलाफ मिली इस जीत से पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में अच्छी शुरुआत जरूर की है, लेकिन टीम की बल्लेबाजी को लेकर कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने मैच जरूर जिताया, लेकिन शीर्ष क्रम की असफलता आने वाले मुकाबलों में टीम के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। अब देखना होगा कि पाकिस्तान की टीम अगले मैचों में अपनी कमजोरियों को कितनी जल्दी दूर कर पाती है।