घाघरा-लुगड़ी में भाग रहा था रोहित गोदारा गैंग का इनामी शूटर, अभिषेक उर्फ बटार को पुलिस ने ऐसे दबोचा

Rohit Godara Gang: अभिषेक उर्फ बटार का संबंध रोहित गोदारा गैंग से है, जो कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोहों के लिए काम करता है। रोहित गोदारा खुद बीकानेर का एक बदनाम अपराधी है।
Rohit Godara Gang Shooter Abishek Alias Batar Arrested
पुलिस की गिरफ्त में अभिषेक उर्फ बटार, (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Rohit Godara Gang Shooter Arrested: संगठित अपराध के खिलाफ कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। रोहित गोदारा गैंग के एक कुख्यात शूटर, जिसकी पहचान अभिषेक उर्फ बटार के रूप में हुई है और जिस पर ₹25,000 का इनाम घोषित था। अभिषेक उर्फ बटार को राजस्थान पुलिस ने बहरोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। यह बदमाश वारदात को अंजाम देने की फिराक में था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने एक ग्रामीण महिला के कपड़े पहन कर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा है।

यह कार्रवाई 22 अक्टूबर 2025 को हुई। पुलिस अधीक्षक (SP) देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि आरोपी अभिषेक उर्फ बटार को विशेष सूचना के आधार पर जिले की स्पेशल टीम और क्विक रिस्पांस टीम्स (QRT) ने गिरफ्तार किया।

बड़ी वारदात की थी तैयारी, हथियार बरामद

पुलिस के अनुसार, यह बदमाश बहरोड़ क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा था। कोटपूतली पुलिस थाने में दर्ज एक गंभीर मामले में वांछित यह अपराधी बहरोड़ में छिपा हुआ था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा भी बरामद किया है। बरामद हथियारों में तीन देशी पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस, और एक अतिरिक्त मैगजीन शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपी पर पहले से 8 मामले दर्ज

एसपी बिश्नोई ने बताया कि अभिषेक उर्फ बटार (21 वर्ष), जो पनियाला थाना क्षेत्र के मोलाहेड़ा का निवासी है, उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी गंभीर है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से ही आठ गंभीर मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद बहरोड़ पुलिस थाने में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किया गया है। एसपी ने कॉन्स्टेबल मनोज कुमार (QRT कोटपूतली) और कॉन्स्टेबल बलदेव (QRT बहरोड़) की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की प्रशंसा की, जिसके कारण अपराधी किसी घटना को अंजाम देने से पहले ही पकड़ा गया।

ऐसे भारत से भागा है गोदारा गैंग का सरगना

अभिषेक उर्फ बटार का संबंध रोहित गोदारा गैंग से है, जो कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोहों के लिए काम करता है। रोहित गोदारा खुद बीकानेर का एक बदनाम अपराधी है, जिस पर 2010 से लेकर अब तक 32 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। माना जाता है कि गोदारा वर्तमान में भारत से फरार है और जून 2022 में फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके दिल्ली से दुबई भागा था। उस पर रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है और माना जाता है कि वह कनाडा में है। गोदारा गैंग राजस्थान में अपनी दहशत और वर्चस्व कायम करने के लिए जाना जाता है। गोदारा ने कई हाई-प्रोफाइल वारदातों की जिम्मेदारी ली है, जिसमें कर्णी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या (दिसंबर 2023 में जयपुर में) और सीकर में गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या शामिल है। यह गिरोह राजस्थान के कई कारोबारियों से 5 करोड़ रुपये से लेकर 17 करोड़ रुपये तक की रंगदारी मांगने के लिए भी बदनाम है।

राजस्थान में करते हैं कांट्रैक्ट किलिंग

यह गिरफ्तारी राजस्थान में संगठित अपराध को बढ़ावा दे रहा है। इस गैंग की सक्रियता से राजस्थान ऐसी संगठित आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहै है। राज्य में हो रहे कई तरह के संगठित अपराधों में तस्करी, अवैध खनन, शराब व्यापार, भूमि माफिया और Contract Killings जैसे काम शामिल हैं। ये गिरोह राजनीतिक संरक्षण और कुछ बड़े माफियाओं की शह पर पनप रहे हैं। गैंगस्टर गिरोहों ने यहां निशानेबाजों, मुखबिरों और हथियार के तस्करों का एक संगठित नेटवर्क स्थापित कर लिया है। राजस्थान की भौगोलिक स्थिति ऐसी है जो सीधे पाकिस्तान से कनेक्ट होती है। साथ ही कई भारतीय राज्यों के साथ सीमा साझा करती है। इससे गैंग से जुड़े लोग सीमा पार तस्करी, हथियारों के अवैध व्यापार और मादक पदार्थों की तस्करी का काम बड़ी आसानी से करते हैं। राजस्थान में विशेष रूप से बीकानेर और जोधपुर जैसे जिलों में ये ज्यादा एक्टिव हैं।

कठोर कानून RCOCB-2023 के जरिए कसेगा शिकंजा

इन आपराधिक नेटवर्कों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, राजस्थान सरकार ने 18 जुलाई, 2023 को राजस्थान कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम बिल-2023 (RCOCB-2023) विधानसभा में पारित किया। इस बिल को लाने का उद्देश्य संगठित अपराध पर अंकुश लगाना और पुलिस को अधिक शक्ति देना है।

इस कानून के तहत सख्त प्रावधान किए गए हैं, जिनमें अपराधियों द्वारा अर्जित संपत्ति की जब्ती, मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अदालतों और विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति, और अपराधियों के लिए गैर-जमानती तथा अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं होना शामिल है। राजस्थान महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात के बाद ऐसा कानून बनाने वाला देश का चौथा राज्य बन गया है, जिससे गैंग बनाकर अपराध करने वालों पर तेजी से कार्रवाई हो सकती है।

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