राजस्थान में किसानों ने जला दिए 16 वाहन, पुलिस से झड़प, इंटरनेट सेवा बंद, इस भारी बवाल की वजह क्या?

Hanumangarh News: राठीखेड़ा में एथेनॉल फैक्ट्री निर्माण को लेकर चल रहा विवाद तनावपूर्ण हो गया है। प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई है। प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों से फैक्ट्री की दी।
Farmers in Rajasthan burnt 16 vehicles, clashed with police, internet services were shut down, what was the reason for this massive uproar?
फैक्ट्री निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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Rajasthan Ethanol Factory Protest: राजस्थान के हनुमानगढ़ में भारी बवाल के बाद तनाव फैला है। पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है। स्कूल और दुकानें बंद हैं। जिले में टिब्बी कस्बे के पास इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। टिब्बी में 18 नवंबर की रात से धारा 163 लागू है। सुरक्षा बलों की 2 टुकड़ियां तैनात हैं।

हनुमानगढ़ के टिब्बी तहसील अंतर्गत राठीखेड़ा गांव में बुधवार को एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस झड़प हुई। इसके बाद किसानों ने आगजनी की। ग्रामीणों ने 16 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों से फैक्ट्री की दीवार तोड़ दी। पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश में लाठीचार्ज किया। आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन प्रदर्शनकारियों के उग्र होने से पुलिस को पीछे हटना पड़ा। अब स्थिति नियंत्रण में है।

इन कारणों से हुआ बवाल

दरअसल, राठीखेड़ा के पास 450 करोड़ रुपये से एशिया की सबसे बड़ी एथेनॉल फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। आरोप है कि फैक्ट्री लगने से पर्यावरण पर असर पड़ेगा। लोगों की खेती प्रभावित होगी। ऐसे में किसान काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। हाल में उन्हें धरना स्थल से हटा दिया गया। इसके बाद फैक्ट्री की चारदीवारी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया। निर्माण कंपनी का कहना है कि सभी पर्यावरण मानकों का पालन किया जा रहा। मामले में बवाल तब बढ़, जब बुधवार को किसानों ने SDM कार्यालय के बाहर फैक्ट्री के विरोध में सभा की और शाम 4 बजे प्रदर्शनकारी फैक्ट्री साइट की ओर कूच कर गए। अचानक बढ़ने से माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ देर में लोग निर्माण स्थल तक पहुंच गए। किसानों ने ट्रैक्टरों से निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री की दीवार को तोड़ दिया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ी। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया, लेकिन भीड़ अधिक होने से पुलिस पीछे हट गई।

विधायक अभिमन्यु पूनियां घायल

किसानों के उग्र प्रदर्शन की वजह से 12 पुलिसकर्मी और संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनियां घायल हो गए। किसानों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की। घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसानों का कहना है कि पुलिस मनमानी कर रही और फैक्ट्री मालिक से मिली है।

इलाका छावनी में तब्दील, इंटरनेट सेवा बंद

भारी हंगामे को देखते हुए इलाके को छावनी में तब्दील किया गया है। आधा दर्जन से अधिक थानों के पुलिसकर्मियों के साथ एसपी और दो डीएसपी मौके पर मौजूद हैं। हालात काबू में रखने के लिए सीमा सुरक्षा बल की दो टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने टिब्बी कस्बे और आसपास के गांवों में इंटरनेट बंद कर दिया है। आज स्कूल और दुकानें बंद रखने के निर्देश हैं।

कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन का किया समर्थन

कई विपक्षी दल इस आंदोलन के समर्थन में उतर आए हैं। हालांकि, प्रशासन चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

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