मणिपुर में खत्म होगा राष्ट्रपति शासन, बीजेपी ने सरकार बनाने के लिए तरुण चुग को दी बड़ी जिम्मेदारी

Manipur Government : मणिपुर में बीजेपी के पास बहुमत है। वैसे, प्रदेश में अस्थिरता के कारण राष्ट्रपति शासन लगा है। बीजेपी ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए तरुण चुग को नेशनल ऑब्जर्वर नियुक्त किया है।
President rule to end in Manipur; BJP gives Tarun Chugh the responsibility to form government
भाजपा नेता तरुण चुग। इमेज-सोशल मीडिया
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BJP Planning For Manipur Government : मणिपुर में एक साल से जारी राष्ट्रपति शासन के बाद अब लोकतांत्रिक सरकार की बहाली की सुगबुगाहट तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने तरुण चुग को नेशनल ऑब्जर्वर नियुक्त किया है, जो विधायक दल के नेता के चुनाव की निगरानी करेंगे।

मणिपुर से एनडीए (NDA) के लगभग सभी विधायक दिल्ली पहुंच चुके हैं। मंगलवार को होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नामों पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। दिल्ली पहुंचे नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह और पूर्व मंत्री वाई खेमचंद सिंह जैसे दिग्गज शामिल हैं। बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी भी केंद्रीय नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श के लिए मौजूद हैं।

जातीय संतुलन पर जोर

मणिपुर में पिछले साल मैतेयी और कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा के बाद राजनीतिक स्थिरता सबसे बड़ी चुनौती रही है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी इस बार सत्ता के गलियारों में संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों समुदायों को प्रतिनिधित्व देने के लिए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के पदों का बंटवारा समुदायों के आधार पर किया जा सकता है, ताकि राज्य में शांति और सद्भाव की नई शुरुआत हो सके।

राष्ट्रपति शासन की समाप्ति

मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जिसे बाद में छह महीने के लिए और बढ़ा दिया गया था। अब इस अवधि की समयसीमा अगले सप्ताह समाप्त हो रही है। केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कुछ महीनों में कुकी और मैतेयी विधायकों के साथ-साथ सहयोगी दलों (NPF और NPP) के साथ कई दौर की गोपनीय बैठकें की हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य में सरकार चलाने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

कानून-व्यवस्था को बनाए रखना बड़ी चुनौती

मणिपुर की भौगोलिक और जनसांख्यिकीय जटिलता को देखते हुए नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती न केवल कानून-व्यवस्था को बनाए रखना होगा, बल्कि दोनों समुदायों के बीच पैदा हुई गहरी अविश्वास की खाई को पाटना भी होगा। यदि बीजेपी एक समावेशी सरकार बनाने में सफल रहती है, तो यह पूर्वोत्तर भारत में उसकी संकट मोचक की छवि को और मजबूत करेगा।

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