
असम में परियोजनाओं का उद्घाटन करते अमित शाह। इमेज-सोशल मीडिया
Amit Shah Assam Visit Latest News : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी 30 जनवरी 2026 को असम के डिब्रूगढ़ में विकास का नया अध्याय शुरू किया। उन्होंने न केवल 1715 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, बल्कि असम की पारंपरिक पहचान चाय और नदियों को लेकर दूरदर्शी रोडमैप भी पेश किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी में शाह ने डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी के गौरव से नवाजा।
अमित शाह ने डिब्रूगढ़ की मिट्टी को नमन करते हुए कहा कि यहां के चाय बागान श्रमिकों ने भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत किया है। सबसे बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि भारत ने यूरोपीय संघ के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किया है। अब असम की चाय बिना किसी अतिरिक्त टैक्स (टैरिफ) के यूरोप के 27 देशों में पहुंचेगी। इससे चाय बागान मालिकों के साथ छोटे श्रमिकों को भी सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
अमित शाह ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले घोषणाएं सिर्फ चुनावी वादे बनकर रह जाती थीं। उन्होंने कहा कि 2025 में मुख्यमंत्री ने जो समावेशी असम का वादा किया था, वह आज जमीन पर दिख रहा है। मोदी जी के दिल में असम बसता है और डिब्रूगढ़ अब पूरे असम की सांस्कृतिक और प्रशासनिक राजधानी के रूप में पहचाना जाएगा।
A Red Letter Day for Assam! For decades, Assam’s governance structure was Guwahati centric where decisions for every region were taken from the capital- but today with the foundation of a new Assembly Complex laid by Adarniya @AmitShah ji, this is set to change. With the… pic.twitter.com/6zL4W6IHv6 — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 30, 2026
गृह मंत्री अमित शाह ने असम की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ पर बात करते हुए कहा कि सरकार नदियों के पानी को नियंत्रित करने और उसे विकास से जोड़ने के लिए बड़े तालाब बनाने की योजना पर काम कर रही है। इससे न केवल बाढ़ रुकेगी, बल्कि राज्य में डेयरी उद्योग (मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन) को भी नई ताकत मिलेगी।
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जीरो टैरिफ एग्रीमेंट से असम की चाय की लागत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम होगी, जिससे श्रीलंका और केन्या जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारतीय चाय की मांग बढ़ेगी। डिब्रूगढ़ में नई विधानसभा भवन की आधारशिला रखना यह दर्शाता है कि भाजपा ऊपरी असम को प्रशासनिक केंद्र बनाकर क्षेत्र का विकेंद्रीकरण कर रही है। 1715 करोड़ रुपये के निवेश से कनेक्टिविटी और स्थानीय सुविधाओं में सुधार होगा, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।






