
निकाय चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Local Body Election: यवतमाल नगर परिषद चुनाव के लिए 17 नवंबर को नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई। नगराध्यक्ष पद के लिए अब सीधा पांच उम्मीदवारों में संघर्ष देखने को मिलेगा। कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री शिवाजीराव मोघे की बहु प्रियंका जितेंद्र मोघे ने नामांकन दाखिल किया है। शिवसेना शिंदे गुट से तेजस्विनी राजू चांदेकर, उबाठा से वैष्णवी नरेश कोवे, और वंचित बहुजन आघाड़ी से चंचल संतोष मसराम ने नामांकन दाखिल किया है।
इससे पहले ही मंत्री अशोक उईक की कन्या प्रियदर्शिनी उईक भी अपना नामांकन भर चुकी थीं। नामांकन के अंतिम दिन महायुति और महाविकास आघाड़ी में फूट पड़ने से सभी दलों में उम्मीदवारों को लेकर भारी रस्साकशी देखी गई। भाजपा ने तो एक साथ 13 पूर्व नगरसेवकों के टिकट काट दिए। इसी तरह की स्थिति अन्य दलों में भी देखने मिली।
कांग्रेस की उम्मीदवार माधुरी मडावी की उम्मीदवारी रद्द होने की संभावना को देखते हुए उनके स्थान पर प्रियंका मोघे को मैदान में उतारा गया। खास बात यह है कि इस बार सभी दलों के नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार उच्च शिक्षित हैं। यवतमाल नगर परिषद में 29 प्रभाग हैं और हर प्रभाग से दो नगरसेवकों का चुनाव होना है। बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल होने से मुकाबला और अधिक रोचक बन गया है।
यवतमाल जिले की 10 नगर पालिका और एक नगर पंचायत के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 नवंबर को समाप्त हो गई। 11 नगर पालिका में नगराध्यक्ष पद के लिए 190 और सदस्य पद के लिए 2,175 नामांकन दाखिल किए गए। दाखिल किए गए आवेदनों की मंगलवार, 18 नवंबर को जांच की गई।
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जांच के दौरान, यवतमाल नगर पालिका चुनाव में नगराध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाली सेवानिवृत्त मुख्याधिकारी माधुरी मडावी का आवेदन खारिज कर दिया गया। इसलिए, इसे कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। माधुरी मडावी का आवेदन खारिज करते समय कारण बताया गया था कि मतदाता सूची में उनका नाम ‘कट-ऑफ डेड’ के बाद था।
पिछले कुछ दिनों से इस बात पर चर्चा चल रही थी कि माधुरी मडावी का आवेदन रहेगा या खारिज कर दिया जाएगा। अब जब आवेदन खारिज कर दिया गया है, तो चर्चा पूरी तरह से बंद हो गई है। हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन एक विश्वसनीय रिपोर्ट है कि बड़ी संख्या में आवेदन खारिज हुए हैं।






