
बिहार का सरगना धराया (सौजन्य-नवभारत)
Yavatmal Police News: यवतमाल जिले में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार करने वाले एक बड़े साइबर रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में बिहार राज्य से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी द्वारा ग्राम पंचायत के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) में हजारों फर्जी प्रविष्टियां किए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला जन्म-मृत्यु पंजीयक डॉ. सुभाष ढोले द्वारा 16 दिसंबर 2025 को यवतमाल शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार, आर्णी तहसील अंतर्गत शेंदूरसनी ग्राम पंचायत के सीआरएस लॉग-इन में सितंबर से नवंबर 2025 के बीच 27,397 जन्म और 7 मृत्यु की प्रविष्टियां दर्ज पाई गईं, जबकि ग्राम पंचायत की कुल आबादी मात्र करीब 1,500 है।
इससे बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता के निर्देश पर जांच की जिम्मेदारी उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनेश बैसाने को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि यह फर्जीवाड़ा स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि बाहरी राज्य से साइबर माध्यमों के जरिए अंजाम दिया गया था।
तकनीकी विश्लेषण और विशेष जांच दल की मदद से पुलिस बिहार पहुंची, जहां आरोपी आदर्श कुमार दुबे (20), निवासी जिला सारण, बिहार को चिन्हित किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अपराध तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल और संगठित है तथा साइबर फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
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यवतमाल पुलिस ने 30 दिसंबर 2025 की रात करीब 11 बजे बिहार के जनता बाजार थाना क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को 2 जनवरी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां अदालत ने आगे की जांच के लिए आरोपी को 12 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता और अपर पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात के मार्गदर्शन में साइबर थाने की पुलिस निरीक्षक यशोधरा मुनेश्वर, एपीआई श्रीकांत जिंदमवार, पीएसआई सागर भारस्कर, पुलिस कर्मचारी गजानन कोरडे, मिलिंद दरेकर, मोहम्मद भगतवाले, विकास कमनर, प्रवीण उईके, अजय निंबोलकर, अविनाश सहारे, अभिनव बोंद्रे, पूजा भारस्कार ने की।






