चिंचगांव के छात्रों को 'गुड टच-बैड टच' का प्रशिक्षण, प्रतिभा पवार ने बच्चों को किया जागरूक

यवतमाल जिले की जिला परिषद हायर सेकेंडरी प्राइमरी स्कूल में एक अनूठी पहल को अंजाम दिया गया। यहां 1 कक्षा से लेकर 5 वीं कक्षा तक के बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में ट्रेन किया गया है।
यवतमाल जिले की जिला परिषद हायर सेकेंडरी प्राइमरी स्कूल में एक अनूठी पहल को अंजाम दिया गया। यहां 1 कक्षा से लेकर 5 वीं कक्षा तक के बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में ट्रेन किया गया है।
गुड टच-बैड टच (सौ. सोशल मीडिया )
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Yavatmal News In Hindi: यवतमाल के जिला परिषद उच्च प्राथमिक विद्यालय, चिंचगांव में पहली से पांचवीं कक्षा के छात्रों के लिए 'गुड टच-बैड टच' पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। प्रतिभा फाउंडेशन की संस्थापक और जूनियर इंजीनियर प्रतिभा पवार ने बच्चों को सरल भाषा और व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाया।

माता-पिता और शिक्षकों के लिए लैंगिक शिक्षा जरूरी

इंजी. प्रतिभा पवार ने बच्चों को बताया कि यौन शोषण से बचने के लिए उन्हें जागरूक होना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को उनके माता-पिता और शिक्षकों द्वारा लैंगिक शिक्षा देना बेहद जरूरी है ताकि कोई भी बच्चा इस तरह के अपराध का शिकार न बने। इसी उद्देश्य से वह यवतमाल जिले की विभिन्न तहसीलों के स्कूलों में पॉक्सो कानून और 'गुड टच-बैड टच' पर प्रशिक्षण दे रही हैं। बच्चों ने इस प्रशिक्षण में बड़े उत्साह से भाग लिया और अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श की पहचान करना सीखा। इस दौरान उन्हें शैक्षणिक मार्गदर्शन भी दिया गया।

बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी हैं प्रतिभा पवार

इंजीनियर प्रतिभा पवार वर्तमान में यवतमाल, पांढरकवड़ा और उमरखेड़, तीनों तहसीलों में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। वह अक्सर स्कूल भवनों के निरीक्षण के दौरान छात्रों से संवाद करती हैं और साथ ही सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। उनके बहुआयामी व्यक्तित्व के कारण उन्हें एक 'अष्टपैलू' व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सोनाली हर्षदवार ने प्रतिभा पवार का आभार व्यक्त किया। प्रतिभा पवार ने कहा कि इस तरह के और भी कई प्रशिक्षण कार्यक्रम यवतमाल जिले में आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को जागरूक किया जा सके। बच्चों ने भी इस प्रशिक्षण से बहुत कुछ सीखने और सुरक्षित रहने की खुशी जाहिर की।

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