भावनाओं को समझने की सीख, सिरोंचा के आदिवासी छात्रावास में किशोर मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यशाला

Tribal Hostel: सिरोंचा के सरकारी आदिवासी छात्रावास में किशोर मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यशाला आयोजित की गई। होप फाउंडेशन के नागेश मादेशी ने भावनिक संतुलन व तनाव प्रबंधन पर मार्गदर्शन किया।
Learning to understand emotions: A workshop on adolescent mental health at the tribal hostel in Sironcha
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
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Mental Health Workshop: गड़चिरोली सिरोंचा के सरकारी आदिवासी छात्रों के छात्रावास में किशोरवयीन मानसिक स्वास्थ्य इस विषय पर मार्गदर्शन कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में होप फॉउंडेशन सिरोंचा के अध्यक्ष नागेश के मादेशी ने की।

प्रमुख अतिथि के रूप में आदिवासी छात्रों के सरकारी छात्रावास के गृहपाल एस। वी। मडावी, कनिष्ठ लिपिक के। डी।चेडे, आर। बी। कोनम, डी। आर। गड्डम, वैशाली एस। बल्लावार, होप फॉउंडेशन सिरोंचा के क्षेत्र समन्वयक शौकत सैयद आदि मान्यवर उपस्थित थे।

इस समय नागेश मादेशी ने किशोर उम्र में होने वाले भावनिक व मानसिक बदलाव, के साथ संवेदनशील तथा महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन किया।

भावनिक संतुलन, नकारात्मक भावना पहचानकर उसका नियंत्रण कैसे करे, इस संदर्भ में औपचारिक भाषण तक सीमित न रहते हुए वह पूर्ण रूप से चर्चात्मक सत्र के स्वरूप में चलाया गया।

कुल 37 छात्रों की रही उपस्थिति

इससे विद्यार्थियों ने खुले मन से अपने प्रश्न रखे। कार्यक्रम में कुल 37 विद्यार्थियों की उपस्थिति थी। इस समय मानसिक स्वास्थ्य, मानसिक बीमारी पर जनजागृति, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक विचारधारा, आत्मविश्वास बढ़ाना विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन किया गया।

दैनंदिन जीवन में आने वाली बाधा को पार करते समय मानसिकदृष्टि से सक्षम कैसे रहे, इस संदर्भमें विद्यार्थियों को सरल भाषा में उदाहरण के साथ समझाया।

इस चर्चात्मक सत्र के कारण विद्यार्थियों में जागरूकता, आत्मविश्वास तथा मानसिक बल निर्माण होने में मदद हुई होप फाउंडेशन के क्षेत्र समन्वयक शौकत सैयद ने होप फॉउंडेशन की ओर से चलाया जाने वाले सभी उपक्रमों के संदर्भ में जानकारी दी। कार्यक्रम की सफलता के लिए छात्रावास के कर्मियों ने प्रयास किया।

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