

Leh Ladakh Road Accident: लेह-लद्दाख में पर्यटन के दौरान हुए एक भीषण सड़क हादसे में वाशिम जिले के दो युवा वकीलों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा रविवार दोपहर के समय हुआ। दुर्घटना में रिसोड निवासी एड। कुणाल चोपड़े (24) और कारंजा निवासी एड। राघव देशपांडे (25) की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे वाशिम जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
मंगलवार को दोनों का उनके पैतृक गांवों में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को वाशिम जिले और आसपास के क्षेत्र के आठ युवक पर्यटन के लिए लेह-लद्दाख गए थे। 12 जुलाई को सभी दोस्त मोटरसाइकिलों से भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान उनकी एक बाइक सामने से आ रहे सेना के वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुणाल चोपड़े और राघव देशपांडे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतक कुणाल चोपड़े दिग्रास नगर परिषद के लेखा अधिकारी संतोष चोपड़े के पुत्र थे। कुणाल और राघव दोनों ने हाल ही में अपनी विधि शिक्षा पूरी कर महाराष्ट्र एवं गोवा बार काउंसिल से अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण (सनद) प्राप्त किया था। वकालत के क्षेत्र में करियर शुरू होने से पहले ही दोनों की असमय मौत से परिवार, मित्रों और अधिवक्ता समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों और उनके मित्रों ने लेह में आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कराने के प्रयास शुरू किए। इस दौरान पूर्व विधायक विजय जाधव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निजी सहायक दीपक शिंदे तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निजी सहायक अमोल पाटनकर से संपर्क कर मामले की
यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख के निजी सहायक प्रतीक सोलंके की मदद से हवाई यात्रा की व्यवस्था की गई। सोमवार को लेह में पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंगलवार को दोनों शवों को विमान से लेह से दिल्ली और वहां से नागपुर लाया गया।
राघव देशपांडे के पार्थिव शरीर को नागपुर से एंबुलेंस द्वारा कारंजा लाया गया, जबकि कुणाल चोपड़े का पार्थिव शरीर रिसोड पहुंचाया गया। मंगलवार को दोनों का उनके पैतृक स्थानों पर अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक, अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि और परिजन शामिल हुए। इस दुखद हादसे ने दो होनहार युवा अधिवक्ताओं का भविष्य छीन लिया और वाशिम जिले को गहरे शोक में डुबो दिया।