Wardha News: नकली और खराब बीजों ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, 305 शिकायतें दर्ज

Fake Seed Complaint: वर्धा जिले में सोयाबीन बीजों के अंकुरण नहीं होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब तक 305 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। कृषि विभाग जांच कर रहा है।
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Poor Quality Seeds (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Wardha Farmers News: खरीफ सीजन में समय पर बुआई के बाद अच्छी फसल की उम्मीद लगाए बैठे वर्धा जिले के किसानों की चिंता अब नकली और खराब गुणवत्ता वाले बीजों ने बढ़ा दी है। जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें किसानों का आरोप है कि ब्रांडेड कंपनियों के सोयाबीन बीज बोने के बावजूद अंकुरण नहीं हुआ इससे किसानों के सामने दोबारा बुआई का संकट खड़ा हो गया है, जबकि बारिश की बेरुखी पहले से ही उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है।

जिले में खरीफ मौसम के लिए 418 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। कृषि विभाग के अनुसार अब तक 381 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई पूरी हो चुकी है। लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने और कई स्थानों पर बीजों के अंकुरित नहीं होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कृषि विभाग को अब तक 305 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं।

वर्धा में खराब बीजों से किसानों को भारी नुकसान

इनमें सबसे अधिक 181 शिकायतें देवली तहसील से मिली हैं। इसके अलावा आर्वी और आष्टी तहसीलों से भी बड़ी संख्या में किसानों ने बीजों के अंकुरन नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई है। इसमें नामचिन कंपनियों के बीज है। शिकायतों के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए कृषि विभाग ने सक्रियता दिखाई है। विभागीय अधिकारी किसानों के खेतों का दौरा कर फसलों और बीजों की स्थिति का निरीक्षन कर रहे हैं साथ ही शिकायतों की जांच कर संबंधित कंपनियों से भी जवाब मांगा जा रहा है।

शिकायतों में इन नामचिन कंपनियों का समावेश

किसानों ने कुल 305 शिकायते अब तक दर्ज की है। इसमें सर्वाधिक बूस्टर कंपनी से जुडी 186 शिकायतें है इसके अलावा महाबीज की 21, इनोव्हेज की 15, यशोदा की 25, स्वी सीड्स की 13 सहित अन्य बीज कंपनियों से जुडी शिकायते भी है। फिलहाल अब तक कृषि विभाग ने 156 शिकायतों के संदर्भ में सर्वेक्षण पुर्ण कर लिया है अब कृषि विभाग क्या एक्शन लेता है, इस और सभी की निगाहें लगी है।

किसानों पर दोबार बुआई का संकट

किसानों का कहना है कि उन्होंने भरोसे के साथ नामी कंपनियों के प्रमाणित बीज खरीदे थे, लेकिन बीजों के अंकुरित नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ दोबारा बुआई की चिंता सताने लगी है। यदि समय रहते पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है।

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