

Navi Mumbai Cop Arrested For Murder: महाराष्ट्र के नवी मुंबई पुलिस दल का एक हवलदार ही हत्यारा निकला। खंडाला तालुका के सुखेड गांव में एक कुएं से मिले अधजले शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने इस सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है। शक और बदले की आग में अंधे होकर एक पुलिसकर्मी ने न केवल कानून को हाथ में लिया, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव को 191 किलोमीटर दूर ले जाकर ठिकाने लगाया।
यह पूरा मामला कलंबोली में शुरू हुआ और सातारा जिले के सुखेड गांव में जाकर समाप्त हुआ।
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी बंडू भिसे, जो रबाले एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में हवलदार के पद पर तैनात था, अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था। उसे शक था कि मृतक सोमनाथ बोबडे का उसकी पत्नी के साथ प्रेम संबंध है। इसी 'बेवफाई' का बदला लेने के लिए भिसे ने अपने तीन दोस्तों—विजय पवार, किरण गायकवाड़ और श्रीनिवास लोणे के साथ मिलकर सोमनाथ को खत्म करने की योजना बनाई। 5 फरवरी को सोमनाथ को मिलने के बहाने बुलाया गया और चारों ने मिलकर उसका गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने जो किया वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था। बंडू भिसे ने सोमनाथ के शव को कार की अगली सीट पर इस तरह रखा जैसे वह सो रहा हो। पकड़े जाने के डर से बेखौफ पुलिस हवलदार ने खुद गाड़ी चलाकर कलंबोली से खंडाला तक का 191 किलोमीटर का सफर तय किया। सुखेड गांव पहुँचने के बाद, उसने शव को एक खेत के कुएं में फेंक दिया और पहचान मिटाने के इरादे से उसे जलाने की कोशिश की।
लोणंद पुलिस को जब कुएं से शव मिला, तो उनके पास कोई सुराग नहीं था। हालांकि, CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने पुणे मार्ग पर एक संदिग्ध कार का पीछा किया। कार के मालिक तक पहुँचते ही पुलिस के हाथ हवलदार बंडू भिसे तक जा पहुँचे। गिरफ्तारी के बावजूद भिसे ने अपना जुर्म कबूल नहीं किया, लेकिन उसके साथियों ने पुलिस की सख्ती के आगे घुटने टेक दिए और पूरी साजिश उगल दी। फिलहाल पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।