घटिया और गैर-कानूनी वॉटर प्रोजेक्ट का विरोध; जामखेड में राकांपा (शरद पवार) अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

Jamkhed Hunger Strike: जामखेड नगर परिषद क्षेत्र में ड्रेनेज प्रोजेक्ट की कथित घटिया गुणवत्ता और भ्रष्टाचार के खिलाफ राकांपा (शरद पवार) ने तहसील कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।
Jamkhed municipal council
Jamkhed municipal council (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Jamkhed Municipal Council: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार गुट) ने तहसील कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पार्टी का आरोप है कि जामखेड नगर परिषद क्षेत्र में वॉटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट (फेज-1) के तहत चल रहा काम बेहद घटिया गुणवत्ता का, गैर-कानूनी और बेहद धीमी गति से किया जा रहा है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि यह विरोध आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है, क्योंकि नगर परिषद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रोजेक्ट के कथित भ्रष्ट प्रबंधन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका आरोप है कि सीवर चैंबर के सीमेंट-कंक्रीट कार्य में मंजूर बजट के मानकों और तकनीकी स्पेसिफिकेशन का पालन नहीं किया जा रहा है और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।

नगर परिषद प्रशासन बेपरवाह

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सीवर पाइप डालते समय जेसीबी मशीनों से पुरानी सीमेंट सड़कों को तोड़ा जा रहा है, जिससे सड़कों को भारी नुकसान हो रहा है। कई स्थानों पर पाइप डालने के बाद खोदी गई जगहों को लंबे समय तक नहीं भरा जा रहा, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, ट्रैफिक जाम हो रहा है और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गुणवत्ता की कमी से सड़कें खराब

गटर लाइन का काम पूरा होने के बाद सड़कें और ज्यादा खराब हो गई हैं, क्योंकि मरम्मत स्वीकृत अनुमान और गुणवत्ता मानकों के अनुसार नहीं की जा रही है। मौके पर निरीक्षण में पाया गया कि एक चैंबर से दूसरे चैंबर तक डाले जा रहे पाइप आवश्यक मोटाई और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है और यदि यही स्थिति बनी रही तो यह तय समय में पूरा नहीं हो पाएगा। इसका सीधा असर जामखेड शहर के हजारों नागरिकों पर पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस प्रोजेक्ट की तुरंत तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए। दोषी ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाए। घटिया काम को तुरंत रोका जाए और नए सिरे से माप लेकर गुणवत्ता के साथ काम शुरू किया जाए।

इस संबंध में दिए गए बयान पर शाहजी रालेभट, इस्माइल सैयद, राजेंद्र गोरे, प्रशांत रालेभट, बिभीषण धनवाड़े, वसीम सैयद, संदीप रालेभट, इराक कुरैशी सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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