
मुंबई-नासिक हाईवे पर ठाणे के पास हुए हादसे का दृश्य (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Nashik Highway Traffic Jam: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक गैस टैंकर के पलटने 32 घंटे का महाजाम लगा रहा। ऐसी ही एक तस्वीर मुंबई-नासिक हाईवे से सामने आ रह है। मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में यातायात की स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है। गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को मुंबई-नासिक हाईवे पर एक भारी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हजारों यात्रियों को भीषण जाम का सामना करना पड़ा। यह हादसा ठाणे के रुस्तमजी कॉम्प्लेक्स (Rustomjee complex) के पास हुआ, जिसने इस मुख्य मार्ग पर वाहनों की रफ्तार को पूरी तरह से थाम दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना सुबह के समय हुई जब मुंबई की ओर जाने वाली लेन में एक भारी-भरकम वाणिज्यिक वाहन (Heavy Vehicle) अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा रुस्तमजी एथेना/अज़ियानो आवासीय परिसर के ठीक सामने हुआ। वाहन का आकार इतना बड़ा था और उससे निकला मलबा सड़क के एक बड़े हिस्से पर फैल गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इसके परिणामस्वरूप, नासिक और भिवंडी से मुंबई की ओर आने वाले यात्रियों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
इस दुर्घटना ने माझीवाड़ा जंक्शन तक कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लगा दी है। यात्रियों ने रिपोर्ट किया है कि जिस सफर को तय करने में आमतौर पर केवल 15 मिनट लगते थे, अब उसमें 2 घंटे से अधिक का समय लग रहा है। बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक के कारण लोग अपनी गाड़ियों में फंसे हुए हैं।
गौरतलब है कि यह संकट ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र का लॉजिस्टिक नेटवर्क पहले से ही भारी दबाव में था। अभी हाल ही में, 3 फरवरी को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक गैस टैंकर के पलट जाने से 30-32 घंटे का लंबा जाम लगा था। उस घटना के प्रभाव से क्षेत्र अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि मुंबई-नासिक मार्ग पर हुई इस नई दुर्घटना ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है।
ठाणे ट्रैफिक पुलिस (Thane Traffic Police) मौके पर मौजूद है और क्रेन की मदद से मलबे को हटाने तथा यातायात को सुचारू करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे इस मार्ग का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, लोग इस जाम से बचने के लिए घोड़बंदर रोड (Ghodbunder Road) या ठाणे शहर की आंतरिक सड़कों का उपयोग कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें:- मुंबई-पुणे तो झांकी है… समृद्धि एक्सप्रेसवे पर रोज झेलना पड़ता है जाम का झाम! 30 KM के लिए लगते है 3 घंटे
मुंबई-नासिक राजमार्ग के इस हिस्से पर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्तमान में इस सड़क को चार लेन से बढ़ाकर आठ लेन करने का काम चल रहा है। स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों का कहना है कि चल रहे निर्माण कार्य और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने उनके दैनिक जीवन को एक “दुःस्वप्न” (Constant nightmare) बना दिया है। भारी वाहनों से होने वाली लगातार दुर्घटनाएं और उसके बाद लगने वाला ग्रिडलॉक सार्वजनिक हताशा का कारण बन रहा है।






