

NMC Mayor Election schedule: नागपुर के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है क्योंकि नागपुर महानगरपालिका (NMC) के नवनिर्वाचित पार्षदों की पहली विशेष बैठक शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को आयोजित होने जा रही है। यह महत्वपूर्ण आयोजन रेशमबाग स्थित कविवर्य सुरेश भट्ट सभागार में सुबह 11 बजे से शुरू होगा। इस बैठक का मुख्य केंद्र मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए होने वाले चुनाव होंगे, जो शहर के भविष्य के प्रशासन की दिशा तय करेंगे।
इस बार नागपुर के मेयर का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने ही जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा ने इस प्रतिष्ठित पद के लिए पार्षद नीता ठाकरे को मैदान में उतारा है। उनके मुकाबले में कांग्रेस ने स्नेहल ठाकरे को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जिससे यह चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। वहीं, डिप्टी मेयर के पद के लिए भाजपा की ओर से पार्षद लीला हाथीबेड ने अपना नामांकन दाखिल किया है। विपक्ष की ओर से कांग्रेस ने पार्षद विवेक निकोसे को मैदान में उतारकर अपनी चुनौती पेश की है। इन चुनावों के नतीजे तय करेंगे कि अगले कार्यकाल में नागपुर के विकास की कमान किसके हाथों में होगी।
चुनावों के अलावा, इस विशेष आम सभा की बैठक के दौरान स्थायी समिति (Standing Committee) के 16 सदस्यों की नियुक्ति भी की जाएगी। यह समिति नगर निगम के वित्तीय निर्णयों और विकास कार्यों की मंजूरी में अहम भूमिका निभाती है। नागपुर मनपा आयुक्त और प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी ने पहले ही सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को बैठक में उपस्थित रहने के लिए आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है। बैठक की अध्यक्षता पीठासीन अधिकारी के रूप में जिला कलेक्टर डॉ. विपिन इटाणकर करेंगे।
बैठक की कार्यवाही सुबह 11 बजे नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) के साथ शुरू होगी। इसके तुरंत बाद, पीठासीन अधिकारी उम्मीदवारों को अपना नाम वापस लेने के लिए 15 मिनट का समय देंगे। इस समय सीमा के बीतने के बाद ही वास्तविक मतदान प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एनएमसी निगम सचिव डॉ. रंजना लाडे ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों से अपील की है कि वे बैठक में शामिल होने के लिए चुनाव विभाग द्वारा जारी आधिकारिक चुनाव नोटिस और अपने चुनाव प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी अनिवार्य रूप से साथ लाएं। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि प्रवेश और मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो। यह बैठक नागपुर शहर के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत होगी, जहाँ नवनिर्वाचित प्रतिनिधि शहर की समस्याओं और विकास योजनाओं पर आधिकारिक रूप से कार्य शुरू करेंगे।