जिला परिषद चुनाव से पहले रोहित पवार की भावुक अपील, घड़ी के निशान पर लड़ रहे NCP के दोनों गुट

Rohit Pawar On Zilla Parishad Election: रोहित पवार ने 12 जिला परिषद चुनावों के लिए अजित पवार को याद करते हुए एनसीपी के समर्थन की अपील की है। वोटिंग 7 फरवरी को होगी।
Rohit Pawar Zilla Parishad Election
Rohit Pawar On Zilla Parishad Election (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Maharashtra Zilla Parishad Election: महाराष्ट्र की राजनीति में एक अत्यंत भावुक मोड़ पर 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव होने जा रहे हैं। एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने गुरुवार (5 फरवरी) को चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मतदाताओं के नाम एक मर्मस्पर्शी संदेश जारी किया। उन्होंने दिवंगत नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार को याद करते हुए अपील की है कि उनके विचारों और विचारधारा को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उल्लेखनीय है कि 28 जनवरी को एक दुखद विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) और अजित पवार की एनसीपी ने इन चुनावों के लिए ऐतिहासिक गठबंधन किया है। दोनों ही गुट 'घड़ी' (Clock) के चुनाव चिन्ह पर एक साथ मैदान में हैं।

रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया कि परिवार के लिए यह कठिन समय है। अजित दादा के आकस्मिक निधन के कारण पवार परिवार का कोई भी सदस्य उम्मीदवारों के लिए जमीनी स्तर पर प्रचार नहीं कर सका। ऐसे में उन्होंने जनता से 'दादा' की विरासत को जीवित रखने के लिए एनसीपी का समर्थन करने का आग्रह किया है।

12 जिलों की 731 सीटों पर महामुकाबला

7 फरवरी को होने वाले इन चुनावों को महाराष्ट्र की ग्रामीण राजनीति का 'सेमीफाइनल' माना जा रहा है। कुल 12 जिला परिषदों की 731 सीटों के लिए 2,624 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जिन जिलों में मतदान होना है, उनमें शामिल हैं:

पश्चिम महाराष्ट्र: पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर।

कोंकण: रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग।

मराठवाड़ा: छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव, लातूर।

इसके अतिरिक्त, 125 पंचायत समितियों की 1,462 सीटों के लिए भी उसी दिन मतदान होगा, जहाँ 4,814 उम्मीदवार मैदान में हैं।

अजित पवार के निधन के बाद बदला राजनीतिक परिदृश्य

28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया था। इसके ठीक तीन दिन बाद, 31 जनवरी को अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अब यह चुनाव सुनेत्रा पवार और रोहित पवार दोनों के लिए एक बड़ी परीक्षा है। रोहित पवार, जो अहिल्यानगर के कर्जत-जामखेड़ का प्रतिनिधित्व करते हैं, का मानना है कि मतदाताओं की सहानुभूति और अजित दादा के विकास कार्यों के प्रति अटूट विश्वास गठबंधन को बड़ी जीत दिलाएगा।

पंचायती राज व्यवस्था और भविष्य की राह

जिला परिषद ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ होती है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे जमीनी मुद्दों को नियंत्रित करती है। इन चुनावों के नतीजे 9 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि एनसीपी गठबंधन इन 12 जिलों में सफल रहता है, तो यह आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पवार परिवार के दोनों गुटों के पूर्ण विलय की नींव रख सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें 7 फरवरी को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहाँ 'अजित दादा' के समर्थकों की भावनाएं निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।

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