

Nagpur To Mumbai Expressway Interchange Problem: कहावत है कि 'अंत भला तो सब भला' लेकिन यहां महाराष्ट्र के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे समृद्धि से यात्रा करने वालों को फिलहाल आखिर में नर्क यात्रा का एहसास हो रहा है। मंगलवार को मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे पर एक टैंकर पलटने से 30 घंटे का महाजाम लग गया और लोगों का गुस्सा देख शासन प्रशासन के हाथ पैर फुल गए। इसी तरह नागपुर से समृद्धि महामार्ग और उससे जुड़े नासिक-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तो लोगों को रोजाना घंटों तक भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई से नागपुर की लगभग 750 किमी की यात्रा को आसान बनाने के लिए 10 साल पहले ही समृद्धि एक्सप्रेसवे बनाने की शुरुआत की गई। तत्कालीन एवं वर्तमान सीएम देवेंद्र फडणवीस के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने का काम एमएसआरडीसी को सौंपा गया। 60 हजार करोड़ से ज्यादा की लागत वाले समृद्धि महामार्ग को तीन चरणों में खोला गया परंतु नागपुर से ठाणे-मुंबई तक 7 घंटे में लोगों को पहुंचाने का दावा पूरा नहीं हुआ है। नागपुर से ठाणे जिले के आमने पड़घा के पास तक 700 किमी का एक्सप्रेसवे तो तैयार होकर खुल गया, परन्तु पड़घा से नासिक मुंबई महामार्ग पर समृद्धि इंटरचेंज से ठाणे तक मात्र 30 किमी की दूरी तय करने में वाहन चालकों को पसीने छूट रहे हैं। लोगों का कहना कि नागपुर, नासिक या शिर्डी से तो समृद्धि पर यात्रा आसान होती है,लेकिन आमने के बाद ठाणे शहर तक पहुंचने में 3 से 4 घंटे और उसके बाद ईस्टर्न एक्सप्रेस से मुंबई पहंचने में कई घंटों का समय लग जाता है।
एमएसआरडीसी का दावा है मुंबई नागपुर 701 किमी के समृद्धि महामार्ग का काम पिछले जून 2025 में हो गया। आमने तक तो समृद्धि पूरी तरह खुल गया परन्तु ठाणे और मुंबई की सीमा तक आने के लिए चौथे चरण का काम अभी तक चल ही रह है। मुंबई नासिक एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाले समृद्धि एक्सप्रेसवे पर ठाणे तक अभी भी 3 बड़े ब्रिज बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर एक एक लेन बढ़ाया जा रहा है।
समय पर पूरा न होने से यहां रोजाना घंटो जाम लगता है। समृद्धि पर नागपुर की तरफ से पड़घा तक वाहन तो तेजी से आते हैं, उसके आगे 29 किमी यानी ठाणे व मुंबई की सीमा तक उन्हें रेंगना पड़ता है। समृद्धि महामार्ग पर दूसरे शहरों से अधिक गाड़िया ठाणे में प्रवेश करने लगी है, जिससे समृद्धि महामार्ग से ठाणे मुंबई तक पहुंचने में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति रोजाना की है। इसका खामियाजा भिवंडी, ठाणे, नवी मुंबई और मुंबई तक जाने वालों को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि एमएसआरडीसी ने दावा किया है कि आने वाले मानसून तक पडघा इंटरचेंज से ठाणे तक एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो जाएगा। तब तक रोजाना वाहन चालकों को भारी धूल के साथ जाम की यातना सहन करनी पड़ेगी।
- नवभारत लाइव के लिए मुंबई से सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट