'देवदूत बनी पुलिस', मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर टैंकर दुर्घटना में फंसे हजारों लोगों को दिया खाना-पानी

Pune Police Humanitarian Work: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर टैंकर दुर्घटना के बाद लगे भीषण जाम में पुलिस ने हजारों फंसे हुए यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया।
Pune Police Humanitarian Work
Pune Police Humanitarian Work (फोटो क्रेडिट-X)
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Mumbai Pune Expressway Accident Relief: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात हुई एक भीषण टैंकर दुर्घटना ने हजारों यात्रियों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। हादसे के बाद लगे कई किलोमीटर लंबे जाम ने लोगों को भीषण गर्मी और भूख-प्यास से बेहाल कर दिया। ऐसे संकट के समय में महाराष्ट्र पुलिस और राजमार्ग पुलिस (Highway Police) ने 'देवदूत' की भूमिका निभाई। जब मुसाफिरों की उम्मीदें टूट रही थीं, तब पुलिसकर्मियों ने खुद आगे बढ़कर फंसे हुए हजारों लोगों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों तक बिस्किट, भोजन के पैकेट और पीने का पानी पहुँचाया। पुलिस के इस मानवीय चेहरे की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और लोग "खाकी" के जज्बे को सलाम कर रहे हैं।

यह घटना खालापुर और लोनावला के बीच हुई, जहाँ एक केमिकल टैंकर पलटने से एक्सप्रेसवे की दोनों ओर की लेन पूरी तरह ठप हो गई थी। जहरीले रसायन के रिसाव के डर से यातायात को सुरक्षा कारणों से रोकना पड़ा, जिसके कारण आधी रात से लेकर अगली सुबह तक हजारों वाहन सड़क पर ही फंस गए।

संकट में सहारा: पुलिस का राहत अभियान

जाम इतना भीषण था कि पास के ढाबों और होटलों तक पहुँचना भी यात्रियों के लिए असंभव हो गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ और पुणे पुलिस की टीमों ने स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर राहत कार्य शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने अपनी गश्ती गाड़ियों (Vans) में पानी के जार और खाने के पैकेट भरकर जाम के बीच फंसे एक-एक वाहन तक पहुँचना शुरू किया। छोटे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था भी की गई, जो घंटों से बंद गाड़ियों में फंसे हुए थे।

भीषण गर्मी और 12 घंटे का इंतजार

मुंबई और पुणे के बीच रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं। टैंकर दुर्घटना के कारण लगे इस जाम में फंसे यात्रियों ने बताया कि सुबह होते-होते तापमान बढ़ने लगा था और गाड़ियों में पानी खत्म हो गया था। एक यात्री ने साझा किया, "हमें लगा था कि हम घंटों भूखे रहेंगे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पैदल चलकर हम तक पानी पहुँचाया। यह देख कर आंखों में आंसू आ गए।" पुलिस के इस समन्वय के कारण न केवल कानून-व्यवस्था बनी रही, बल्कि लोगों का धैर्य भी नहीं टूटा।

हादसे के बाद प्रशासन की मुस्तैदी

राजमार्ग पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, टैंकर से हो रहे केमिकल रिसाव को रोकने के लिए दमकल विभाग की मदद ली गई। क्रेन के जरिए दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाने में लगभग 10 से 12 घंटे का समय लगा। इस दौरान ट्रैफिक को पुरानी मुंबई-पुणे सड़क (Old Highway) की ओर डायवर्ट किया गया था, लेकिन मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होने में काफी समय लगा। दोपहर तक एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से सुचारू कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने राहत कार्य में शामिल सभी जवानों की सराहना की है।

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