
पुनर्विकास की राह आसान: डीम्ड कन्वेयन्स अब मुफ्त (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar News: मीरा-भाईंदर शहर की हज़ारों पुरानी इमारतों और सोसायटियों के लिए रविवार को पद्मभूषण डॉ. अप्पासाहेब धर्माधिकारी हॉल में आयोजित भव्य मार्गदर्शन एवं जनसंवाद शिविर में परिवहन मंत्री और स्थानीय विधायक प्रताप बाबूराव सरनाईक ने डीम्ड कन्वेयन्स को पूरी तरह निःशुल्क करने की ऐतिहासिक घोषणा की।
वर्षों से पुनर्विकास, 79-ए प्रक्रिया, डीसी रूपांतरण, 7/12 निकासी, सोसायटी पंजीकरण और विभिन्न दस्तावेज़ों की उलझनों से जूझ रहे नागरिकों के लिए यह घोषणा राहत की सांस लेकर आई है। पहले एजेंसियां प्रति फ्लैट 6-7 हजार रुपये तक वसूलती थीं, जिससे सोसायटियों पर लाखों रुपये का बोझ पड़ता था। अब यह संपूर्ण प्रक्रिया शिवसेना की जिम्मेदारी के तहत पूरी तरह शून्य लागत में पूरी की जाएगी।
निवासियों को केवल आवश्यक दस्तावेज़-7/12 अर्क, संपत्ति कार्ड, भवन योजना, सीसी, अनुबंध, आर्किटेक्ट प्रमाणपत्र, बिल्डर-डेवलपर एग्रीमेंट आदि-जनसंपर्क कार्यालय में जमा कराने होंगे। इसके बाद कन्वेयन्स की संपूर्ण प्रक्रिया तेज़ी से पूरी करना पार्टी की जिम्मेदारी होगी।
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सैकड़ों नागरिकों को संबोधित करते हुए मंत्री सरनाईक ने कहा कि मीरा-भाईंदर के हर नागरिक को उसकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिले, यह उनकी प्रतिबद्धता है। वित्तीय बोझ, एजेंसियों की मनमानी और प्रशासनिक देरी से जुड़ी सारी समस्याएं अब समाप्त हो गई हैं। अब पुरानी इमारतों का डीम्ड कन्वेयन्स शिवसेना के माध्यम से पूरी तरह मुफ्त होगा।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए एसजीएम कंपनी की नियुक्ति की गई है, जिससे शहर की पुनर्विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।
डीम्ड कन्व्हेयन्स एक कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत हाउसिंग सोसाइटी को ज़मीन और इमारत का मालिकाना हक़ मिलता है, भले ही बिल्डर कानूनी रूप से संपत्ति हस्तांतरित न करे। यदि बिल्डर, सोसाइटी बनने के बाद एक निश्चित समय सीमा (जैसे महाराष्ट्र में 4 महीने) के भीतर भूमि और भवन का हस्तांतरण नहीं करता है, तो यह प्रक्रिया अपनाई जाती है।






