पूनम चेंबर्स अवैध निर्माण मामला: जिम्मेदार अधिकारियों की सूची देने के आदेश, कोर्ट की मनपा को फटकार

Poonam Chambers Illegal Construction: नागपुर हाई कोर्ट ने पूनम चेंबर्स अवैध निर्माण मामले में कार्रवाई न करने पर मनपा को फटकार लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की सूची पेश करने का आदेश दिया है।
Nagpur High Court order
Illegal Construction:नागपुर हाई कोर्ट ने पूनम चेंबर्स (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nagpur High Court Order: पूनम चेंबर्स में हुए अवैध निर्माण को लेकर पूर्व पार्षद विजय बाभरे द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति अनिल पानसरे और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने महानगर पालिका के प्रति कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई न करने पर मनपा अधिकारियों की लंबे समय तक रही चुप्पी पर नाराजगी जताते हुए इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की सूची पेश करने का आदेश दिया है।

10 वर्षों की निष्क्रियता पर मांगा जवाब

हाई कोर्ट ने इस बात पर गहरा असंतोष व्यक्त किया कि नवंबर 2015 से नवंबर 2024 के बीच मनपा अधिकारियों ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की। विशेष रूप से वर्ष 2015 में जब प्रतिवादी द्वारा दायर अपील वापस ले ली गई थी, तब इमारत के अवैध निर्माण का मामला अंतिम रूप से तय हो गया था। इसके बावजूद मनपा ने इमारत को गिराने की अपनी वैधानिक जिम्मेदारी का पालन नहीं किया।

अदालत ने मनपा के वकील को निर्देश दिया है कि वर्ष 2015 से अब तक इस मामले में कार्रवाई के लिए जिम्मेदार रहे सभी अधिकारियों और आयुक्तों की सूची प्रस्तुत की जाए। कोर्ट ने संकेत दिया है कि इन अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।

21 जनवरी तक निर्णय लेने का सख्त आदेश

सुनवाई के दौरान मनपा ने अदालत से 28 फरवरी 2026 तक का समय मांगा था, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही को देखते हुए अदालत ने 21 जनवरी 2026 तक उचित निर्णय लेने का सख्त आदेश दिया। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवंबर 2024 में अवैध निर्माणों को गिराने संबंधी जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार की जानी होगी।

उल्लेखनीय है कि यह मामला वर्ष 2005 में विजय बाभरे द्वारा दायर याचिका से शुरू हुआ था। मनपा ने वर्ष 2004 में ही नोटिस जारी कर स्पष्ट किया था कि पूनम चेंबर्स की सातवीं मंजिल पूरी तरह अवैध है। इमारत की ऊंचाई स्वीकृत सीमा से तीन मीटर अधिक है और पार्किंग के लिए आरक्षित बेसमेंट में दुकानें बनाई गई हैं।

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