

Mira Bhayandar News In Hindi: मीरा-भाईंदर के सीआरजेड और वन क्षेत्र से जुड़ी वर्षों पुरानी समस्याओं को हल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
वन मंत्री गणेश नाइक को अध्यक्षता में हुई उच्च-स्तरीय बैठक में विधायक नरेंद्र मेहता ने नागरिकों की वास्तविक स्थिति और जमीन से जुड़े तथ्य रखे।इसके बाद सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति दी है, जिससे शहर के हजारों परिवारों को राहत मिलने का रास्ता खुल गया है। भाजपा के एड।रवि व्यास ने भी मंत्री नाइक से मानव बस्ती वाले क्षेत्र को सीआरजेड से मुक्त करने की मांग की थी।
बैठक में मेहता ने बताया कि पेनकरपाड़ा, राईगांव, मोरवा और उत्तन के कुछ हिस्सों में मैंग्रोव जरूर हैं, लेकिन इन इलाकों का बड़ा भाग कई वर्षों से घनी आबादी वाला है। बावजूद इसके, पूरे क्षेत्र को सीआरजेड में डाल दिया गया था, जिससे नागरिकों के अधिकार और विकास कार्य दोनों प्रभावित हुए। विधायक मेहता ने स्पष्ट कहा कि जहाँ मानव बस्ती मौजूद है, उसे सीआरजेड में रखना उचित नहीं।
दस्तावेजों और तकों की पड़ताल के बाद बैठक में यह सहमति बनी कि मानव आबादी वाले हिस्सों को सीआरजेड दायरे से बाहर किया जाएगा। इससे झुग्गी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए स्थायी घर और बुनियादी सुविधाएँ पाने का रास्ता साफ होगा।
वन विभाग की पाबंदियों से भी मिलेगी राहत गणेश देवल नगर, जय अंबे नगर, नेहरू नगर, शास्त्री नगर, चेना गाँव, घोडबंदर सहित कई क्षेत्रों में सड़क, नाले, सीवर और पाइपलाइन जैसी सुविधाएँ वन विभाग की रोक के कारण अटकी थीं।
मानव बस्तियों को सीआरजेड और वन क्षेत्र से बाहर करने को प्रक्रिया तेज होगी, सड़क, सीवर, ड्रेनेज और पानी की लाइन जैसे विकास कार्यों को मंजूरी का रास्ता खुल जाएगा, हजारों परिवारों को अपने घरों की कानूनी सुरक्षा मिलेगी, रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी, आने वाले वर्षों में शहर के बुनियादी ढाँचे और सुविधाओं में बड़ा सुधार संभव होगा।