1 करोड़ महिलाओं पर लाडकी बहिन योजना से बाहर होने का खतरा! E-KYC बना बड़ा सिरदर्द

Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना में 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं का E-KYC अब भी बाकी है। अंतिम तिथि 18 नवंबर है। कई महिलाओं को विवरण अपडेट करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Ladki Bahin Yojana Ekyc Online
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोाश्ल मीडिया)
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Ladki Bahin Yojana Ekyc Online: महाराष्ट्र की लाडली बहन योजना के तहत ई-केवाईसी (e-KYC) की डेडलाइन पूरी होने वाली है। करीब 2.35 करोड़ लाभार्थियों में से 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं का ई-केवाईसी अब भी बाकी है। ऐसे में लाखों महिलाओं पर योजना से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई महत्वाकांक्षी लाडली बहन योजना के तहत लाभार्थियों को 1500 रुपये महीना दिए जाने का ऐलान किया गया था। इस योजना के तहत कुल करीब 2.35 करोड़ लाभार्थी रजिस्टर्ड हैं।

ई-केवायसी की अंतिम तिथि 18 नवंबर

हालांकि, महिला एवं बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इनमें से अब तक केवल 1.3 करोड़ महिलाओं ने ही ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा किया है। इसका मतलब है कि 1 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों का ई-केवाईसी अभी भी बाकी है। इसे पूरा करने की अंतिम तिथि 18 नवंबर निर्धारित की गई है। ई-केवाईसी प्रक्रिया इसलिए शुरू की गई थी क्योंकि पहले रजिस्टर्ड करीब 2.5 करोड़ लाभार्थियों में से बड़ी संख्या में महिलाओं पर गलत तरीके से लाभ लेने के आरोप लगे थे, जिसके बाद काफी नाम हटाए गए थे। हालांकि, ई-केवाईसी ऑनलाइन तरीके से कुछ ही मिनटों में किया जा सकता है, और कुछ शुरुआती दिक्कतों के बाद व्यवस्था सुचारू भी हो गई थी।

विधवा या पिता विहीन महिलाओं को परेशानी

हालांकि, डेडलाइन पूरी होने वाली है, फिर भी लाखों महिलाओं ने अपने विवरण अपडेट नहीं किए हैं। कहा जा रहा है कि उन्हें ऐसा करने में मुश्किल आ रही है। जिन महिलाओं के पति या पिता का निधन हो चुका है, उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने यह संकेत दिया है कि यदि जरूरत पड़ी तो ई-केवाईसी की तिथि आगे बढ़ाई जाएगी।

चुनावी माहौल में सरकार का नरम रुख

महाराष्ट्र में अब स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं, जिसमें आने वाले दिनों में 29 महानगरपालिकाओं में भी चुनाव कराए जाएंगे। इस चुनावी माहौल को देखते हुए, एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि सरकार इस समय लाडली बहन योजना में लाभार्थियों को लेकर कोई कड़ा रुख नहीं अपनाएगी।

महायुति के कुछ नेता भी ई-केवाईसी के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर लगाकर लाभार्थियों का काम करा रहे हैं। गौरतलब है कि महायुति ने चुनावी घोषणापत्र में महिलाओं को दिए जाने वाली रकम को बढ़ाकर 2100 रुपये करने का वादा किया था, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है।

स्थानीय निकाय चुनाव के बाद होने वाले बजट सत्र में इन योजनाओं को कितना फंड दिया जाता है, इस पर ही आगे का भविष्य निर्भर करेगा।

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