
municipal corporation encroachment (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar: मीरा-भाईंदर शहर में धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर आखिरकार मनपा प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बार-बार गलत और भ्रामक रिपोर्ट दिए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने अब सभी प्रभाग अधिकारियों और बीट निरीक्षकों के लिए साप्ताहिक स्व-घोषित प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया है।
इस प्रमाण पत्र में यह स्पष्ट रूप से घोषित करना होगा कि संबंधित प्रभाग में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या नया अतिक्रमण नहीं हो रहा है। आयुक्त शर्मा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस प्रमाण पत्र में दी गई जानकारी गलत पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि वरिष्ठ अधिकारियों को यह रिपोर्ट दी जाती है कि किसी प्रभाग में अवैध निर्माण नहीं हो रहा है, जबकि वास्तविकता कुछ और हो, तो जिम्मेदारी तय करते हुए दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण मामलों में बार-बार ‘सब ठीक है’ की रिपोर्ट दिए जाने की शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया है।
मीरा-भाईंदर के कई हिस्सों में सरकारी और निजी जमीनें लंबे समय से खाली पड़ी हैं। इन स्थानों पर झुग्गियों का निर्माण, अतिक्रमण, मरम्मत की अनुमति की आड़ में अतिरिक्त निर्माण, तथा पुरानी इमारतों के दस्तावेजों के आधार पर खाली जमीनों पर नई इमारतें खड़ी किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। इन पर रोक लगाने की जिम्मेदारी स्थानीय मनपा प्रशासन की है, लेकिन इसके बावजूद प्रभाग अधिकारियों और अतिक्रमण विभाग की निष्क्रियता को लेकर लगातार शिकायतें हो रही हैं।
यह भी सामने आया है कि जब किसी अवैध निर्माण का मामला उजागर होता है, तो किसी एक स्थान पर सीमित कार्रवाई कर पूरे मामले को शांत करने की कोशिश की जाती है। आयुक्त ने ऐसे दिखावटी कदमों पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शहर की सड़कों पर अवैध रूप से खड़ी की गई हाथगाड़ियों को लेकर भी प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं। रात के समय हाथगाड़ियाँ न हटाए जाने से सुबह सड़क सफाई में बाधा उत्पन्न होती है। इसे गंभीरता से लेते हुए फेरीवालों को रात में अपने ठेले हटाने के आदेश दिए गए हैं। आदेश का पालन न करने पर संबंधित फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मनपा आयुक्त ने चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कार्रवाई में बाधा डालने वालों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उनके खिलाफ मामले दर्ज करने के आदेश भी दिए गए हैं।
प्रभाग अधिकारियों और बीट निरीक्षकों द्वारा प्रस्तुत किए गए स्व-घोषित प्रमाण पत्रों का सत्यापन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर जानकारी गलत पाई जाती है, तो उसी प्रमाण पत्र के आधार पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






