

Mumbai Mayor Election: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में सत्ता की बागडोर संभालने की कवायद तेज हो गई है। सोमवार को मुंबई नगर निगम मुख्यालय में उस वक्त भारी गहमागहमी देखने को मिली, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना (शिंदे गुट) के नवनिर्वाचित पार्षद पहली आधिकारिक बैठक के लिए पहुंचे। इस बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी पार्षदों के जोश की रही। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमीत साटम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के दौरान 'जय श्री राम' के नारे गूंजे। गौरतलब है कि इस बार के बीएमसी चुनाव में बीजेपी पहली बार सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में जबरदस्त उत्साह है।
मुंबई मेयर पद के लिए जारी खींचतान के बीच महायुति (बीजेपी, शिवसेना-शिंदे और एनसीपी-अजित पवार) के घटक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सोमवार को पार्षदों के पहुंचने के साथ ही पंजीकरण और गुट नेता चुनने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। मुंबई को 6 फरवरी तक नया मेयर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बार मेयर का पद लॉटरी के अनुसार 'सामान्य वर्ग की महिला' के लिए आरक्षित है, जिसने दावेदारों की दौड़ को और दिलचस्प बना दिया है।
227 सदस्यीय बीएमसी में बहुमत के लिए 114 पार्षदों की आवश्यकता है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी के पास 89 पार्षद हैं, जबकि एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के पास 29 पार्षद हैं। दोनों का कुल आंकड़ा 118 पहुंचता है, जो बहुमत से 4 अधिक है। इसके अलावा, चर्चा है कि अजित पवार की एनसीपी के 3 पार्षद भी महायुति को समर्थन दे सकते हैं, जिससे सत्तापक्ष का आंकड़ा 121 तक पहुंच जाएगा। हालांकि, सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी मेयर पद पर अपना दावा मजबूत मान रही है, लेकिन शिंदे गुट की ओर से भी इस पद के लिए मोलभाव जारी है।
बीजेपी की ओर से सूत्रों का कहना है कि दहिसर के वार्ड संख्या 7 से जीत दर्ज करने वाली गणेश खनकर को ग्रुप लीडर चुना जा सकता है, हालांकि इसका आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है। दूसरी ओर, शिंदे की शिवसेना ने अमेय घोले को अपना ग्रुप लीडर बनाया है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने भी अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है और पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर को ही ग्रुप लीडर की जिम्मेदारी सौंपी है। बीजेपी के भीतर चर्चा है कि सामान्य वर्ग की किसी अनुभवी महिला पार्षद को मुंबई का अगला मेयर बनाया जा सकता है।
पार्षदों की पहली बैठक के बाद अब सभी दलों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के पंजीकरण की प्रक्रिया कोंकण भवन में पूरी की जाएगी। इसके बाद ही आधिकारिक तौर पर मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की तारीख और नामांकन का शेड्यूल जारी होगा। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी और शिवसेना के बीच अंदरूनी शक्ति प्रदर्शन चल रहा है कि डिप्टी मेयर पद किसे मिलेगा और महत्वपूर्ण समितियों (जैसे स्टैंडिंग कमेटी) का अध्यक्ष कौन होगा। 6 फरवरी की समयसीमा को देखते हुए अगले 48 घंटे मुंबई की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।