महाराष्ट्र कॉलेज कर्मचारी महासंघ की बड़ी कार्रवाई: गुटबाजी करने वाले 10 पदाधिकारी संगठन से निष्कासित

Raja Badhe Federation Kalyan Meet: महाराष्ट्र राज्य महाविद्यालयीन कर्मचारी महासंघ ने माधव राउल समेत 10 पदाधिकारियों को निष्कासित किया। संगठन के संसाधनों के दुरुपयोग पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
Raja Badhe Federation Kalyan Meet
Non-Teaching Federation:महाराष्ट्र राज्य महाविद्यालयीन कर्मचारी महासंघ ने माधव राउल समेत 10 पदाधिकारियों को निष्कासित किया। संगठन (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Thane News: महाराष्ट्र राज्य महाविद्यालयीन शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण जनरल महासभा कल्याण के के.एम. अग्रवाल कॉलेज के सभागार में अध्यक्ष राजा बढ़े की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की लंबित मांगों और संगठन की आंतरिक मजबूती पर विचार-विमर्श करना था। महासभा में प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न वित्तीय और प्रशासनिक मुद्दों पर अपनी राय रखी।

वित्तीय लाभ और सातवें वेतन आयोग पर विस्तृत चर्चा

महासभा के दौरान कर्मचारियों के लिए 10, 20 और 30 वर्ष की सुधारित आश्वासित प्रगति योजना के क्रियान्वयन पर सविस्तार चर्चा की गई। इसके साथ ही, सातवें वेतन आयोग के प्रावधानों के अनुसार 'रजा नगदीकरण' (Leave Encashment) के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। अध्यक्ष राजा बढ़े ने आश्वासन दिया कि इन मांगों को सरकार और संचनालय स्तर पर प्रभावी ढंग से सुलझाने के लिए महासंघ ने ठोस रणनीति तैयार कर ली है। कर्मचारियों के आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना महासंघ की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

संगठन विरोधी गतिविधियों के चलते 10 पदाधिकारियों का निष्कासन

बैठक के दूसरे चरण में संगठन की अनुशासन समिति ने एक कड़ा फैसला लिया। कर्मचारियों के हितों में बार-बार रुकावट डालने और फेडरेशन की नीतियों के खिलाफ कार्य करने के आरोप में संगठन के अधिनियम नियम 14 के तहत कुल 10 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है। निष्कासित होने वालों में प्रमुख रूप से माधव राउल, चंद्रकांत धनावड़े, गोपीचंद पाटिल, ज्ञानेश्वर बारस्कर, निम्बा पाटिल, एंथनी थॉमस, सोनाली लब्धे, सुदर्शन आंग्रे, संजय पाटिल और संजय पोल शामिल हैं।

संसाधनों के दुरुपयोग पर कानूनी कार्यवाही की चेतावनी

महासंघ के कार्यालयीन सचिव चंदर पाण्डेय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन सभी व्यक्तियों को उनके पदों और संगठन की सदस्यता से सर्वसम्मति से मुक्त कर दिया गया है। अब भविष्य में इनका फेडरेशन से कोई संबंध नहीं रहेगा। महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ये निष्कासित सदस्य फेडरेशन के नाम, लेटरहेड, सील (मुहर) या किसी भी सिंबल का गलत इस्तेमाल करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संगठन ने सभी कॉलेजों और विभागों को इस निर्णय से अवगत करा दिया है।

-कल्याण से नवभारत लाइव के लिए अशोक वर्मा की रिपोर्ट

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