

ठाणे: बदलापुर में दो स्कूली बच्चियों के साथ घटित दुष्कर्म की घटना व उसके विरोध में बदलापुर में उमड़े जन आंदोलन तथा इस आंदोलन में स्वेच्छा से शामिल हुए जिन नागरिकों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया व उन्हें पकड़ा है, ऐसे आंदोलनकारियों की मदद अर्थात उनको जमानत दिलाने का निशुल्क कार्य कल्याण, उल्हासनगर तथा बदलापुर कल्याण जिला न्यायालय वकील संघटन कर रहा है।
इस संदर्भ में अधिवक्ता कल्पेश माने ने कहा कि "संगठन से जुड़े वकील एडवोकेट संजय सोनवणे, जय गायकवाड, सचिन खंडागले, राहुल बनकर सहित अन्य दर्जनों साथी वकीलों ने निर्णय लिया है कि दो बच्चियों के दुष्कर्म करने की घटना का विरोध करने वाले जिन लोगों पर पुलिस कार्रवाई कर चुकी है व आगे करने की तैयारी में है। ऐसे आंदोलन कारियों को वकीलों ने कानूनी मदद करना शुरू कर दिया है। अधिवक्ता माने ने अपील की ही यदि अभी भी किसी आंदोलनकारियों को कानूनी मदद चाहिए तो हम वकील उनका केस बिना कोई शुल्क लिए लड़ेंगे।
बता दें कि बदलापुर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को फांसी दो की मांग को लेकर 20 अगस्त की सुबह स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों ने स्कूल के सामने धरना प्रदर्शन कर इस कृत्य की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस तथा स्कूल प्रबंधन के विरोध में नारे लगाए। स्कूल के सामने शांतिपूर्वक ढंग से शुरू हुआ प्रदर्शन बाद में ‘रेल रोको’ आंदोलन के रूप तब्दील हो गया व जिसने दोपहर होते होते उग्र रूप ले लिया।
इसके बाद स्कूल में जमकर तोड़फोड़ भी हुई। आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो वहीं शाम को लाठी चार्ज भी किया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने पूरे दिन रेलवे स्टेशन पर रेले रोको आंदोलन किया। 20 अगस्त को सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक इस मार्ग पर रेल यातायात बंद रहा।
आंदोलन को उग्र करने वाले आंदोलनकारियों पर पुलिस ने केस दर्ज कर हिरासत में लिया था। इसके पहले शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी सराकर को आंदोलनकारियों पर दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने के लिए कहा था। अब ठाणे जिले के वकील आंदोलनकारियों के साथ खड़े हैं।