अजित पवार विमान हादसा: 'ब्लैक बॉक्स' खोलेगा मौत का राज, CM फडणवीस ने रोहित पवार के सवालों पर तोड़ी चुप्पी

Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार विमान हादसे पर CM देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने रोहित पवार के साजिश वाले सवालों पर जवाब दिया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Devendra Fadnavis statement on Ajit Pawar plane crash DGCA investigation Rohit Pawar
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Devendra Fadnavis Statement On DGCA Investigation: महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में अजित पवार की असामयिक मृत्यु के बाद से ही हलचल तेज है। पुणे के बारामती में हुए उस भयानक विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। अब इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है और साफ किया है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।

जांच का सबसे बड़ा आधार: ब्लैक बॉक्स

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए बताया कि दुर्घटनाग्रस्त 'लियरजेट' विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लैक बॉक्स ही वह महत्वपूर्ण कड़ी है जो हादसे के आखिरी पलों की पूरी कहानी बयां करेगी। फडणवीस ने कहा, "नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) इस मामले की बहुत बारीकी से जांच कर रहा है। जब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, हमें किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना चाहिए।"

रोहित पवार के सवालों पर पलटवार

बता दें कि अजित पवार के भतीजे और विधायक रोहित पवार ने इस दुर्घटना के घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने इसे महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए व्यापक जांच की मांग की थी। इस पर जवाब देते हुए CM फडणवीस ने कहा कि अगर किसी के मन में कोई संदेह है, तो उसे दूर किया जाना चाहिए। मैंने खुद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर विस्तृत जांच का अनुरोध किया था। कानून के तहत जो भी एजेंसियां हैं, वे अपना काम मुस्तैदी से कर रही हैं।

सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठे सवाल

28 जनवरी को बारामती हवाई पट्टी के पास हुए इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह जांच सिर्फ इस हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य भविष्य में वीआईपी और आम नागरिकों की सुरक्षा को और पुख्ता करना है। उन्होंने कहा कि अगर सिस्टम में कोई कमी है, तो उसे इस रिपोर्ट के आधार पर सुधारा जाएगा।

फिलहाल, महाराष्ट्र की जनता और राजनीतिक जगत की नजरें DGCA की उस अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं जो यह तय करेगी कि यह वाकई एक तकनीकी खराबी थी या इसके पीछे कोई मानवीय चूक। प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।

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