एकनाथ शिंदे नहीं मनाएंगे जन्मदिन, बोले- अजित दादा की मौत से नहीं उभरा महाराष्ट्र, कार्यकर्ताओं से की ये अपील

Eknath Shinde Birthday: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 9 फरवरी को अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है। अजित पवार के निधन के कारण शिंदे ने किसी भी कार्यक्रम, गिफ्ट और होर्डिंग न लगाने की अपील की है।
Deputy CM Eknath Shinde will not celebrate his birthday
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Eknath Shinde Emotional Statement: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपना जन्मदिन न मनाने का निर्णय लिया है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपील की गई कि आगामी 9 फरवरी को उनके जन्मदिन पर कोई उत्सव न मनाया जाए। बताया गया कि राज्य के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार की प्लेन दुर्घटना में हुए असमय निधन के चलते डिप्टी सीएम शिंदे ने यह फैसला किया है। स्वयं एकनाथ शिंदे ने अपील की है कि उनके जन्मदिन के मौके पर कोई भी गुलदस्ते, गिफ्ट न लाए, शुभकामनाएं देने वाले होर्डिंग्स न लगाए और कोई भी फंक्शन न करें।

अजित पवार की मौत से नहीं उभरा राज्य

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि अजित दादा के असमय निधन के दर्द से महाराष्ट्र अभी भी उबर नहीं पाया है। मैंने अपना साथी और दोस्त खो दिया है। दादा के निधन से हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती। हम पवार परिवार के दुख में शामिल हैं। इसलिए इस साल जन्मदिन नहीं मनाएंगे। उल्लेखनीय है कि हर साल 9 फरवरी को डिप्टी सीएम का जन्मदिन ठाणे, मुंबई सहित राज्य भर में कार्यकता बड़े पैमाने पर मनाते हैं।

विमान हादसे में अजित पवार का निधन

बता दें कि 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहे अजित पवार का विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था। इस हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री समेत 5 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद से राज्य में शोक की लहर है। इसका असर राज्य में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनावों पर भी दिखा था।

जिला परिषद चुनाव के लिए नहीं किया प्रचार

बता दें अजित पवार के निधन के बाद 7 फरवरी को होने वाले 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समितियों के चुनावों के लिए भी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रचार नहीं किया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शरद पवार, उद्धव ठाकरे समेत कई बड़े नेताओं ने अजित पवार के निधन के कारण इन चुनावों के लिए प्रचार नहीं करने का निर्णय लिया था।

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